लखनऊ।भयमुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त स्वच्छ शासन प्रशासन का नारा देने वाली भाजपा पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है।"जबरा मारे रोये ना दे" की नीति पर चलते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की पिछडों, दलितों, अल्पसंख्यक समुदाय में भय का माहौल कायम किये हुए है।राष्ट्रीय निषाद संघ के राष्ट्रीय सचिव व कांग्रेस नेता चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि योगी सरकार तुच्छ जातिवादियों,दहशतगर्दों,सामन्तवादियों व फिरकापरस्तों की सरकार है।अपराध,भ्रष्टाचार, बलात्कार,अपहरण, पुलिसिया जोर-जुल्म व जातिवाद का नँगा नाच चरमसीमा पर पहुँच गया है।
उन्होंने कहा कि यूपीटेट पेपर लीक में पकड़े गए लोगों में
सर्वेद विक्रम बहादुर सिंह(डायरेक्टर),संजय कुमार खत्री (डीएम),सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी (एसएसपी),संजय कुमार उपाध्याय (सचिव) के साथ महेंद्र कुशवाहा का नाम शामिल है।लेकिन इनको छोड़कर घर की
कुर्की व सम्पत्ति जब्तीकरण सिर्फ महेंद्र कुशवाहा(गाजीपुर) का ही हुआ है।बड़े अधिकारियों की संपत्ति जब्त क्यों नहीं की गई?आखिर उनकी छाती व सम्पत्ति पर बुलडोजर कब चलेगा?योगी सरकार में 90 प्रतिशत भर्ती परीक्षाओं का पेपर लीक हुआ।
निषाद ने कहा है कि भाजपा सरकार में दोयमदर्जे का बर्ताव पिछडों,दलितों के साथ किया जा रहा है।ओबीसी,एससी वर्ग के अधिकारी,कर्मचारी भयभीत व असहज हैं।भाजपा के पिछड़े,दलित वर्ग के मंत्री,सांसद,विधायक,एमएलसी अपना जमीर बेच दिए हैं।ये गूंगे,बहरे व मूकदर्शक होकर स्वार्थ साधने में जुटे हुए हैं।इनकी औकात चपरासी की भी नहीं है।उन्होंने पूछा है कि यूपीटेट पेपर लीक मामले में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या,मंत्री स्वामी प्रसाद वर्मा,मुकुटबिहारी वर्मा,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की बोलती क्यों बन्द है?पिछड़े,दलित वर्ग के नेताओं की जुबान पर ताला क्यों लग गया है?
*लौटनराम निषाद*






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