वी फाउण्डेशन के तत्वाधान में पुलिस लाइन के प्रेक्षागृह में मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित हुआ महिलाओं का विधिक सशक्तिकरण वर्कशाप
संस्था के अध्यक्ष व मुख्य वक्ता द्वारा घरेलू हिंसा अधिनियम व कार्य स्थल पर यौन उत्पीडन से सुरक्षा अधिनियम की दी गयी जानकारी
प्राविधानो के प्रति महिलाओं में जागरुकता जरुरी-श्री श्रीवास्तव
घरेलू हिंसा में महिला पुरुष में असमानता है कारक, इसे दूर करने की जरुरत-डीएम
मिशन शक्ति कार्यक्रम से महिलाओं में बढी है संचेतना-एसपी
देवरिया (सू0वि0) 26 अक्टूबर। पुलिस लाइन के प्रेक्षागृह में उ0प्र0 सरकार के मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत वी फाउण्डेशन के तत्वाधान में वर्कशाप आयोजित हुई, जिसके मुख्य वक्ता/अतिथि इस संस्था के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आइपीएस रतन कुमार श्रीवास्तव रहे। इस अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन, पुलिस अधीक्षक डा श्रीपति मिश्र, सहसंयोजक दिव्यांशी पाण्डेय, एसएसपी राजेश कुमार सोनकर उपस्थित रहे। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने इस संस्था के स्थानीय पदाधिकारियों दिव्यांशी पाण्डेय, जितेश श्रीवास्तव, चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी, संजय पाण्डेय को संस्था की ओर से कार्यदायित्व से संबंधित पत्र प्रदान किया गया।
मुख्य वक्ता श्री श्रीवास्तव ने धरेलू हिंसा 2005 एवं कार्य स्थल पर यौन उत्पीडन से सुरक्षा अधिनियम 2013 पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्होने घरेलू हिंसा के कारकों और उसके समाधान पर विस्तृत रुप से जानकारी दी। उन्होने कहा कि घरेलू हिंसा एवं यौन उत्पीडन से संबंधित रिपोर्ट कराने की पद्धति को विकसित करने की जरुरत है। महिलायें इन अधिनियमों की जानकारी रखे, उसके प्रति जागरुक रहे और जब इस तरह की कोई परिस्थिति उत्पन्न हो तो उसकी रिपोर्टिंग बेहिचक करें तभी उन्हे अधिनियम का लाभ मिल सकेगा। उन्होने यह भी कहा कि महिलाओं सशक्तिकरण एवं घरेलू हिंसा से बचाने के लिए सामाजिक सोच में परिवर्तन भी आवश्यक है।
जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने कहा कि घरेलू हिंसा का कारण महिला व पुरुष में असमानता एक प्रमुख कारण है। जहां समानता होती है तो हाथ नही उठते है बल्कि आपस में उसे संवाद द्वारा उसकी समाधान होती है। उन्होने यह भी कहा कि असमानता राइट टू चूज एवं आार्थिक सशक्तिकरण से ही दूर किया जा सकता है।
पुलिस अधीक्षक डा श्रीपति मिश्र ने सम्बोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण, घरेलू हिंसा 2005, मिशन शक्ति के द्वारा सामाजिक चेतना बढी है एवं मिशन शक्ति अभियान से यह चेतना संचेतना में परिवर्तित हुई है। महिलायें आगे आकर अब बता रही हैं। उन्होने कहा कि महिलाओं की ओर से जब तक की प्रतिकार नही होगी तब तक अपराधी दण्डित नही हो सकेेगें। उन्होने कहा कि अपराधियों को दण्डित करने के लिए महिलायें आगे आये और विषम परिस्थितियों से बचाव के लिए उनमें और गंभीरता की आवश्यकता है। इसके लिये उनमें आवश्यकता जागरुकता की है। उन्होने यह भी कहा कि महिलायें अधिकारों का दुरुपयोग किसी के बहकावे मंे आकर न करें इससे नारी मर्यादा प्रभावित होती है। उन्होने यह भी कहा कि वी फाउण्डेशन द्वारा संचालित यह अभियान दूरलक्षी है। इससे प्रेरणा मिलती रहेगी और महिलाओं के जारुकता के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्राधिकारी श्रीयश त्रिपाठी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्री श्रीवास्तव, कोआर्डिनेटर अनिल सिन्धु को जिलाधिकारी श्री निरंजन एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा शाल ओढाकर पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया। चीफ कोआर्डिनेटर दिव्याशी पाण्डेय को मनोपरामर्शदाता मीनू जायसवाल द्वारा उन्हे शाल ओढाकर व पुष्पगुच्छ प्रदान कर स्वागत किया गया।
आयोजन के इस अवसर एडीएम प्रशासन कुवर पंकज, जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकान्त राय, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन, आंगनवाडी कार्यकर्ती, महिला पुलिस कर्मी आदि उपस्थित रहे।






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