देवरिया। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। धरना सुबह 11 बजे शुरू होकर शाम तीन बजे तक चला। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस एवं एलआईयू द्वारा कार्यकर्ताओं से आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा बैंक खातों से संबंधित जानकारी लिए जाने पर सवाल उठाए।
धरने को संबोधित करते हुए माकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं की व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी पुलिस और एलआईयू द्वारा जुटाई जा रही है, लेकिन इसके पीछे का कारण स्पष्ट नहीं किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत जानकारी लेने से पहले उसे इसका उद्देश्य और प्रक्रिया बताई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट कारण इस तरह की जानकारी एकत्र करना गलत है और इससे कार्यकर्ताओं में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
माकपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने तथा संगठनात्मक गतिविधियां संचालित करने का अधिकार है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि कार्यकर्ताओं की निजी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को तत्काल स्पष्ट किया जाए तथा यदि किसी प्रकार की कार्रवाई की जा रही है तो उसके संबंध में पार्टी को जानकारी दी जाए।
धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शन के बाद नेताओं ने अपना मांग पत्र मजिस्ट्रेट को सौंपा और मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
धरने में जयप्रकाश यादव, साधुशरण, प्रेमचंद यादव, रामा गुप्ता, कलेक्टर शर्मा सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि मांगों का समाधान नहीं होने पर पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।








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