*अटल आवासीय विद्यालय में औचक निरीक्षण के दौरान इंद्र विक्रम सिंह ने बच्चों से किया संवाद, पढ़ाई से लेकर सुरक्षा तक जानी हकीकत*
*गोरखपुर* आमतौर पर किसी बड़े अधिकारी के विद्यालय पहुंचते ही बच्चे कतार में खड़े हो जाते हैं और अधिकारी निरीक्षण कर लौट जाते हैं। लेकिन अटल आवासीय विद्यालय सहजनवां में तस्वीर कुछ अलग थी। मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह निरीक्षण के दौरान बच्चों के बीच पहुंचे और अचानक उनके साथ बैठकर भोजन करने लगे। बच्चों के लिए यह पल किसी यादगार अनुभव से कम नहीं था।
मंडलायुक्त ने बच्चों के साथ बैठकर न सिर्फ भोजन किया, बल्कि खुद उसकी गुणवत्ता भी परखी। अधिकारी को अपने साथ भोजन करते देख बच्चों के चेहरों पर उत्साह साफ दिखाई दिया। मंडल के इतने बड़े अधिकारी का उनके साथ बैठकर खाना बच्चों के लिए गौरव और अपनत्व से भरा अनुभव रहा।
औचक निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों से बातचीत कर विद्यालय की व्यवस्थाओं की स्थिति जानी। वर्तमान में विद्यालय में कक्षा छह से 11 तक 818 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। पीजीटी के 11 और टीजीटी के 26 शिक्षक नियुक्त पाए गए। वहीं आठ गेस्ट फैकल्टी के चयन की प्रक्रिया भी 15 दिन के भीतर पूरी करने की जानकारी दी गई।
*कक्षा में पहुंचे, बच्चों से पूछे पढ़ाई के सवाल*
मंडलायुक्त ने कक्षा छह, सात, 10 और 11 के छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों से संवाद किया और विभिन्न विषयों के पठन-पाठन की स्थिति को करीब से परखा। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व के साथ गुरु की भूमिका भी समझाई।
उन्होंने कहा कि जिस तरह एक शिल्पी पत्थर को तराशकर सुंदर मूर्ति का रूप देता है, उसी तरह गुरु अपने शिष्य को ज्ञान और संस्कार देकर जीवन में सफलता की राह दिखाता है।
*सीढ़ियों पर ग्रिल और सफाई के निर्देश*
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को भी देखा। उन्होंने खुले स्थान वाली सीढ़ियों पर सुरक्षा की दृष्टि से ग्रिल लगाने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही न रहे।
*‘एक पेड़ मां के नाम’ से दिया पर्यावरण का संदेश*
विद्यालय परिसर में मंडलायुक्त ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति को हरा-भरा रखने का संदेश दिया।
मंडलायुक्त के पूरे निरीक्षण के दौरान विद्यालय के बच्चों में खासा उत्साह नजर आया। हालांकि यह एक औचक निरीक्षण था, लेकिन बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने का उनका सहज अंदाज बच्चों के लिए सबसे खास रहा। निरीक्षण खत्म होने के बाद भी बच्चों के बीच यही चर्चा रही कि जिस अधिकारी को वे दूर से देखने की उम्मीद कर रहे थे, वह उनके बीच बैठकर उन्हीं के साथ खाना खा रहे थे।







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