लखनऊ।
केजीएमयू की वाईस चांसलर सोनिया नित्यानंद और उनके OSD अब्बास पर लगे हुए आरोपों की लिस्ट।
1. ₹2–2.5 करोड़ की दवाओं की खरीद एवं वितरण में अनियमितता — सरकारी योजना के तहत महंगी दवाओं की खरीद और वितरण में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप।
2. फर्जी/काल्पनिक या मृत मरीजों के नाम पर दवाएं जारी करने का आरोप — एक विभाग में महंगी दवाएं ऐसे मरीजों के नाम पर जारी किए जाने की बात सामने आई, जिनके वास्तविक इलाज पर सवाल उठे।
3. मरीजों और दवाओं से संबंधित रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप — कथित रूप से रिकॉर्ड में ऐसी प्रविष्टियां की गईं जिनके आधार पर दवाओं की खरीद या वितरण को सही ठहराया गया।
4. “इमरजेंसी” टैग के कथित दुरुपयोग का आरोप — कुछ मामलों को आपातकालीन बताकर दवाओं की खरीद को तेजी से कराने और सामान्य प्रक्रियाओं को दरकिनार करने का आरोप।
5. दवाओं के खर्च में अचानक असामान्य वृद्धि — दवाओं पर होने वाला मासिक खर्च लगभग ₹10 लाख से बढ़कर फरवरी में करीब ₹40 लाख और मार्च में करीब ₹45 लाख तक पहुंचने के बाद सवाल उठे।
6. सरकारी आपूर्ति की महंगी दवाओं के कथित दुरुपयोग/गबन का आरोप — महंगी कैंसर संबंधी दवाओं के वास्तविक उपयोग और वितरण को लेकर गंभीर सवाल उठे, जिससे सरकारी धन के नुकसान की आशंका जताई गई।
7. खरीद एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के उल्लंघन के आरोप — खरीद, बिल, स्टॉक, वितरण और संबंधित दस्तावेजों में कथित प्रक्रियागत अनियमितताओं तथा कर्मचारियों की भूमिका की जांच की गई।
इन आरोपों की जांच किए बिना ही गवर्नर आनन्दीबेन पटेल जी द्वारा इन्हें दुबारा लगभग दो हज़ार करोड़ रुपये का सर्वेसर्वा बना दिया गया है।







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