लखनऊ ।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन का व्यापक और गोपनीय सर्वे कराने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस सर्वे के आधार पर आगामी चुनाव में टिकट वितरण को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि भाजपा राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तीन स्तरों पर गुप्त सर्वे कराएगी। पार्टी के 258 मौजूदा विधायकों के साथ-साथ सहयोगी दलों के हिस्से वाली सीटों का भी आकलन किया जाएगा। सर्वे का उद्देश्य विधायकों की जनस्वीकार्यता, संगठन से तालमेल, विकास कार्यों और क्षेत्र में सक्रियता का निष्पक्ष मूल्यांकन करना है।
सूत्रों के मुताबिक, सर्वे करने वाली टीम विभिन्न सामाजिक वर्गों, स्थानीय कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं तथा आम मतदाताओं से बातचीत कर फीडबैक जुटाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोगों और संगठन के जिम्मेदार कार्यकर्ताओं से भी राय ली जाएगी, ताकि प्रत्येक सीट की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जीत की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए केवल संगठनात्मक रिपोर्ट ही नहीं, बल्कि जनता की राय भी महत्वपूर्ण होगी। जिन विधायकों के बारे में सर्वे में लगातार नकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी या जिनका प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं पाया जाएगा, उनका टिकट कट सकता है। वहीं बेहतर प्रदर्शन और मजबूत जनाधार वाले विधायकों को दोबारा मौका मिलने की संभावना अधिक रहेगी।
हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक इस सर्वे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पार्टी उम्मीदवारों के चयन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।







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