*पोषण कार्यक्रमों को टीम भावना से संचालित करने के दिए निर्देश*
*निजी भवनों में संचालित न हों आंगनबाड़ी केंद्र, तीन माह में सरकारी संस्थाओ में संचालित किए जाने की हों व्यवस्था : डीएम*
देवरिया 12 मई । जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल विकास विभाग द्वारा संचालित पोषण कार्यक्रमों एवं विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं एएनएम को निर्देशित किया कि पोषण कार्यक्रमों का संचालन पूरी तन्मयता एवं टीम भावना के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त जनपद बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय स्थापित कर कार्य करें तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुंचाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देश दिया कि आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं एएनएम संयुक्त रूप से घर-घर जाकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण की जानकारी लें तथा आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराएं।जिलाधिकारी ने कहा कि फील्ड स्तर पर समन्वित प्रयासों से ही पोषण अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र निजी भवन अथवा निजी स्थान पर संचालित नहीं होना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी तीन माह के भीतर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों अथवा सरकारी संस्थानों में संचालित कराया जाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित रूप से पोषण संबंधी गतिविधियां संचालित की जाएं तथा बच्चों की स्वास्थ्य जांच एवं वजन मापन कार्य में विशेष सतर्कता बरती जाए। कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उनके स्वास्थ्य में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








0 comments:
एक टिप्पणी भेजें