*पश्चिम बंगाल विधानसभा भंग कर दी गई है।*
ममता बनर्जी इस्तीफा देने को तैयार नहीं थीं,
लेकिन अब संवैधानिक प्रक्रिया के बाद
वो मुख्यमंत्री नहीं रहीं।
यानी बंगाल में
एक लंबे राजनीतिक दौर का अंत हो चुका है।
कभी जिस सत्ता को अजेय माना जाता था,
आज वही कुर्सी हाथ से निकल चुकी है।
राज्य की राजनीति अब
पूरी तरह नए मोड़ पर पहुंच गई है।
समर्थकों के लिए ये बड़ा झटका है,
तो विरोधी इसे “बदलाव की शुरुआत” बता रहे हैं।
बंगाल ने जो फैसला दिया,
उसकी गूंज अब हर तरफ सुनाई दे रही है।
और अब सबसे बड़ा सवाल—
नई सरकार की कमान किसके हाथ जाएगी?
क्या सुवेंदु बनेंगे CM?







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