देवरिया 20 अप्रैल 2026। जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह ने जनपद के समस्त किसानों को अवगत कराया है कि मौसम का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे कृषि फसलों पर लू (हीटवेव) का प्रभाव पड़ने की संभावना बढ़ गई है। इसको देखते हुए कृषि विभाग द्वारा फसलों की सुरक्षा तथा भूमि में जल एवं नमी संरक्षण हेतु आवश्यक सुझाव जारी किए गए हैं।
उन्होंने किसानों से अपील की कि फसल कटाई के बाद खेत में पड़े अवशेषों को न जलाएं। खेतों में नमी संरक्षण के लिए मल्चिंग एवं खरपतवार नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा मल्च के रूप में जैव उत्पाद एवं फसल अवशेषों का उपयोग करें। पौध तैयार करते समय भी मल्च का प्रयोग करना लाभकारी रहेगा।
सिंचाई जल के बेहतर उपयोग के लिए स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाने की सलाह दी गई है। खेतों में नियमित अंतराल पर सायंकाल हल्की सिंचाई करें, जिससे नमी बनी रहे और पानी का अपव्यय न हो। साथ ही, अंतःकर्षण क्रियाओं के माध्यम से तैयार मल्च द्वारा भूमि से नमी के वाष्पीकरण को कम किया जा सकता है।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद के प्रयोग की सलाह दी है। अधिक तापमान में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि फसलों की बुवाई पंक्तियों में करें तथा सिंचाई जल के समान वितरण के लिए खेतों को समतल रखें।
धान की नर्सरी में पर्याप्त नमी बनाए रखने के लिए सायंकाल सिंचाई करें। यदि कहीं अधिक पानी जमा हो जाए, तो उसकी निकासी तुरंत कर दें, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।







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