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*टक्कर से बच्चा दूर गिरने से बचा
*खेत मे जली पराली से सड़क पर फैला धुआ मौत का कारण
देवरिया रुद्रपुर पिड़रा मार्ग पर काशीपुर के पास शनिवार को दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। खेतों में जल रही पराली से उठे घने धुएं ने सड़क को पूरी तरह ढक लिया, आमने-सामने दिखाई न देने से दो बाइक सवार का जोरदार टक्कर हो गया।
* बच्चा बाइक से छिटक कर दूर जा कर गिरने से बचा--
टक्कर इतनी भीषण थी कि एक बाइक सवार युवक अपनी बाइक समेत सड़क किनारे जल रहे आग में जा गिरा। बाइक का पेट्रोल आग में घी का काम कर गया और युवक जिंदा जल उठा। मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
मृतक की पहचान मुसाफिर (40 वर्ष) पुत्र स्व. जगदीश, निवासी ग्राम विरवा संत टोलिया के रूप में हुई है। वह अपने साले की शादी का कार्ड बांटने ग्राम ईश्वरपुर जा रहा था। मृतक अपने पीछे तीन बच्चों (एक पुत्री व दो पुत्र) को छोड़ गया है।
हादसे के समय बाइक पर बैठा एक छोटा बच्चा छिटककर दूर जा गिरा, जिससे उसकी जान बच गई। यह घटना चरितार्थ करती है, “जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय” ।
* घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी-
सूचना मिलते ही एसडीएम अवधेश निगम क्षेत्राधिकारी हरी राम यादव थाना प्रभारी कल्याण सिंह सागर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
* फॉरेंसिक टीम देवरिया से मौके पर पहुंचकर साक्ष्य किया संकलन
घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, पराली जलाने से होने वाले खतरों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
*मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड व नगर पंचायत की गाड़ी -
हादसे की सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम व नगर पंचायत का पानी टैंकर मौके पर पहुंची।फायर ऑफिसर अरुण कुमार के नेतृत्व में आग पर काबू पाया गया।
दमकल कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग को फैलने से रोका, जिससे आसपास के खेतों में बड़ा नुकसान होने से बच लिया गया।
* प्रशासन सख्त, पराली जलाने वालों पर कर रही है कार्रवाई-
जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में नायव तहसीलदार अनिल तिवारी कृषि विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई है। टीम में जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह, कृषि निदेशक सुभाष मौर्य, सहायक विकास अधिकारी कृषि अभिषेक तिवारी, लेखपाल व कानूनगो को शामिल किया गया है।टीम द्वारा क्षेत्र में सर्वे कर पराली जलाने वालों की पहचान की जा रही है, जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
*एसडीएम क्या बोले -
एसडीएम ने कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद है ,और पराली जलाने जैसी लापरवाही का गंभीर परिणाम है।उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों को किसान बीमा दुर्घटना योजना के तहत आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा एक छोटी सी लापरवाही कैसे जानलेवा बन सकती है, यह हादसा उसकी भयावह मिसाल है। पराली जलाने पर रोक और जागरूकता ही ऐसे हादसों या घटनाओं को रोकने का एकमात्र उपाय है।












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