देवरिया! आज दिनांक 10.09.2025 को मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केन्द्र (ए0डी0आर0 भवन) के द्वारा वर्षों पूर्व लम्बित सिविल मुकदमें को सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मनोज कुमार तिवारी के नेतृत्व में मध्यस्थ, श्री अशोक कुमार मिश्र के सहयोग से कई वर्षो से लम्बित सिविल वाद का निस्तारण कराया गया। न्यायालय सिविल जज (जू0डी0), कक्ष संख्या-26, देवरिया द्वारा मध्यस्थता हेतु संदर्भित किये जाने पर मामला जिला विधिक सेवा प्राधिरकण, देवरिया में मध्यस्थता एवं सुलह समझौता हेतु प्राप्त हुआ। मामलें का तथ्य इस प्रकार है कि आज दिनांक 10.09.2025 को वाद संख्या-522/2012 रामआसरे बनाम किशनावती का प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के कार्यालय के माध्यम से सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देवरिया श्री मनोज कुमार तिवारी के समक्ष आया। प्रकरण में दोनो पक्ष उपस्थित हुए दोनों पक्षों में वार्ता करायी गयी। इसक्रम में पक्षकारों के सहमति से मामलें को सफल निस्तारण किया गया तथा सचिव ने कहा कि मध्यस्थता का मुख्य उद्देश्य विवादों को आपसी सहमति से सुलझाना है। मध्यस्थता, पक्षो के बीच संबंधों को बनाए रखने में मदद करता है एवं पक्षों को अपने विवादों को स्वयं हल करने का अधिकार देता है। मध्यस्थता के द्वारा निस्तारित मामलें में दोनों पक्ष जीतते है, कोई हारता नही है। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवरिया श्री मनोज कुमार तिवारी द्वारा आमजन से एवं विधि व्यवसायियों से अपील की गई कि वे अपने मामलें को न्यायालय से निवेदन कर मध्यस्थता हेतु संदर्भित कराये और ‘‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान‘‘ का लाभ उठाए।







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