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सोमवार, 25 मार्च 2024

लापरवाही बरतने वाले कॉलेजों पर लगेगा एक लाख तक जुर्माना

लापरवाही बरतने वाले कॉलेजों पर लगेगा एक लाख तक जुर्माना


*आंतरिक परीक्षा के अंक अपलोड करने में देरी से अब जारी हुआ सत्र 2022-23 का परिणाम* 


*समयबद्ध तरीके से प्रायोगिक व मौखिक परीक्षा के परिणाम जारी नहीं करने पर अब लगेगा जुर्माना*


*देरी करने वाले कॉलेजों पर 25 हजार से 1 लाख रुपये तक लगाया जा सकता है जुर्माना*


गोरखपुर, निज संवाददाता। सत्र 2022-23 के परीक्षा परिणामों में देरी पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अब भविष्य में आंतरिक या प्रायोगिक परीक्षा के अंक अपलोड करने में देरी करने वाले कॉलेजों पर 25 हजार से 1 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माने की राशि को लेकर डीडीयू प्रशासन मंथन कर रहा है।डीडीयू में सत्र 2023-24 सत्र के वार्षिक और सम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। लेकिन सत्र 2022-23 का परिणाम अब जाकर घोषित किया गया है। मार्च महीने के शुरुआत तक कुल 35 कॉलेजों ने सत्र 2022-23 की परीक्षा के आंतरिक, प्रायोगिक या मौखिकी परीक्षा का अंक कॉलेजों की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया था। इस वजह से विश्वविद्यालय का परिणाम घोषित नहीं किया जा सका था। बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बाद भी वे कॉलेज अपने छात्रों के आंतरिक या प्रायोगिक परीक्षा के अंक अपलोड नहीं कर रहे थे।डीडीयू प्रशासन की कार्रवाई की चेतावनी के बाद भी 15 मार्च तक 12 कॉलेजों ने अपने परिणाम अपलोड नहीं किए। पिछले हफ्ते कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। बैठक में यह मुद्दा भी उठा था। कुलपति की ओर से कार्रवाई की चेतावनी के बाद अब जाकर 12 कॉलेजों ने अपने अंक अपलोड किए हैं।


*सी ग्रेड वाले कॉलेजों पर कार्रवाई*


दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने लापरवाही को देखते हुए ही कॉलेजों की ए, बी और सी तीन कैटेगरी निर्धारित की है। सी कैटेगरी में वे कॉलेज रखे जाएंगे जो समयबद्ध तरीके से परीक्षा के अंक अपलोड नहीं करेंगे। उन कॉलेजों पर कार्रवाई होगी।


कई कॉलेजों की लापरवाही के कारण 2022-23 के परीक्षा परिणामों में देरी हुई। भविष्य में इस तरह की लापरवाही अक्षम्य मानते हए कार्रवाई की जाएगी। इसके अन्तर्गत कॉलेजों पर जुर्माना लगाने का विचार किया जा रहा है।


-प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू


*मृतक आश्रित नियुक्ति में पेच बदलेगा नियम*


*सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का मामला* 


प्रयागराज, प्रमुख संवाददाता। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में मृतक आश्रित कोटे के तहत कला विषय के सहायक अध्यापक की नियुक्ति को लेकर पेच फंस गया है। इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के अनुसार प्राविधिक कला के साथ यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा पास होना अनिवार्य है। ऐसे में यदि कोई आश्रित सीबीएसई या अन्य बोर्ड से 12वीं पास हो एवं इंटर एकल विषय ड्राइंग टेक्निकल हो तो उसके समायोजन में अड़चन है।इस पर माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व एमएलसी सुरेश कुमार त्रिपाठी ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव को छह मार्च को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया था। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने यूपी बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल से नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव मांग लिया है।बेसिक में नियुक्ति में देरी बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों-कर्मचारियों के मृतक आश्रितों की नियुक्ति प्रक्रिया तो ऑनलाइन हो चुकी है लेकिन अफसरों की लापरवाही के कारण मामलों के निस्तारण में देरी हो रही है। पिछले दिनों समीक्षा में 109 प्रकरण लंबित मिलने पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने 12 मार्च को सभी बीएसए को पत्र लिखकर चेताया है।


*ऑनलाइन होगी नियुक्ति*


प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में मृतक आश्रितों की नियुक्ति प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को 11 मार्च को पत्र लिखा है कि मृतक आश्रित की नियुक्ति संबंधी ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था के लिए मानव संपदा पोर्टल पर कार्य एनआईसी के स्तर से किया जा रहा है। तब तक नियुक्ति संबंधी कार्यवाही अग्रिम आदेशों तक ऑफलाइन करना सुनिश्चित करें।


*ग्राहक एक से अधिक बार क्रेडिट कार्ड का बिल चक्र बदल पाएंगे* 


नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय रिजर्व बैंक ने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। क्रेडिट कार्ड धारक अब अपनी सुविधा के अनुसार कार्ड के बिलिंग चक्र में एक से अधिक बार बदलाव कर पाएंगे। पहले बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाएं केवल एक बार ही ऐसा करने मौका देती थीं लेकिन आरबीआई ने यह सीमा हटाने को कहा है। केंद्रीय बैंक ने हाल ही में इस नियम को लागू किया है।


*न्यूनतम देय बकाया चुकाने से भी बचें*


बैंक बिल का पूरा बकाया चुकाने के बजाए न्यूनतम भुगतान का विकल्प भी देते हैं। लेकिन वे ग्राहकों को यह नहीं बताते हैं कि ऐसा करने से न केवल वर्तमान बिलिंग चक्र में बकाया राशि पर ब्याज लगता है, बल्कि बाद के बिलिंग चक्र में किए गए अन्य सभी लेनदेन पर ब्याज मुक्त अवधि खत्म हो जाएगी। इसका मतलब यह है कि नियत तारीख के बाद किए गए सभी लेनदेन पर तब तक ब्याज लगता है जब तक कि कुल बकाया राशि पूरी तरह से चुका नहीं दी जाती। विशेषज्ञ कहते हैं कि इससे बचने के लिए देय तिथि तक पूरा बिल चुकाना ही सबसे अच्छा रहता है।


*क्या होता है बिलिंग चक्र*


किसी ग्राहक का क्रेडिट कार्ड का कुल बिल (स्टेटमेंट) हर महीने की छह तारीख को आता है। ऐसे में उसका बिलिंग चक्र उस महीने की सात तारीख से शुरू होगा और अगले महीने की छह तारीख को समाप्त होगा। इस 30 दिन अवधि के दौरान क्रेडिट कार्ड से किए गए सभी लेन-देन क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में दिखाई देंगे। इसमें कार्ड से किए गए सभी भुगतान, नकद निकासी, क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान की जानकारी होती है। बिल की यह अवधि कार्ड के प्रकार और क्रेडिट कार्ड प्रदाता के मुताबिक 27 दिन से लेकर 31 दिन तक हो सकती है।


*ऐसे करें बदलाव*


● इसके लिए सबसे पहले पिछला सारा बकाया चुकाना होगा।


● इसके बाद क्रेडिट कार्ड कंपनी को फोन या ईमेल के जरिए बिलिंग चक्र में बदलाव करने के लिए कहना होगा।


● कुछ बैंक में आप मोबाइल ऐप के माध्यम से भी ये बदलाव कर सकते हैं


*ऐसे होगा फायदा*


● ग्राहक अपनी सुविधा और पर्याप्त नकदी के अनुसार बिल भुगतान की तारीख तय कर सकते हैं


● क्रेडिट कार्ड में ब्याज मुक्त अवधि को अधिकतम कर सकते हैं


● अलग-अलग क्रेडिट कार्ड का एक ही तारीख पर भुगतान कर सकते हैं


*ग्राहकों पर ऐसे पड़ेगा असर*


अब तक केवल क्रेडिट कार्ड कंपनियां ही तय करती थीं कि ग्राहक को जारी किए गए क्रेडिट कार्ड का बिलिंग चक्र क्या होगा। इससे कभी-कभी ग्राहकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन आरबीआई द्वारा नियम जारी होने के बाद ग्राहक अपनी मर्जी के मुताबिक एक बार से अधिक क्रेडिट कार्ड के बिलिंग चक्र/अवधि को अपने हिसाब से बदल सकते हैं।


*बिल भुगतान की तिथि भी बदल जाएगी*


यदि कोई ग्राहक अपने बिलिंग चक्र में बदलाव करता है तो उसकी क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान की देय तिथि भी बदल जाएगी। यह देय तिथि स्टेटमेंट की तारीख से 15 से 20 दिनों के बाद की हो सकती है। इसका मतलब यह है कि ग्राहक को 45 से 50 दिनों तक की ब्याज मुक्त अवधि मिलती है, जिसमें बिलिंग चक्र के 30 दिन और देय तिथि तक 15-20 दिन शामिल होते हैं। इस समय सीमा के भीतर भुगतान करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।


*बिहार मुक्त विद्यालय को यूपी बोर्ड की समकक्षता* 


प्रयागराज, प्रमुख संवाददाता। बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड पटना की सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षा को यूपी बोर्ड की हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट परीक्षा के समकक्ष मान्य किया गया है। इसके लिए इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 में संशोधन कर दिया गया है। यूपी बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल की ओर से जारी गजट के अनुसार सेकेंडरी परीक्षा को 38वें और सीनियर सेकेंडरी परीक्षा को 39वें स्थान पर रखा गया है।बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड पटना की समकक्षता न होने पर पिछले दिनों यूपी बोर्ड मुख्यालय को आपत्ति मिली थी। जिस प्रकार बिहार बोर्ड कैबिनेट से पास है उसी प्रकार मुक्त विद्यालयी संस्थान को भी बिहार कैबिनेट ने मंजूरी दी है।समकक्षता देने में कोई विधिक अड़चन न होने पर यूपी बोर्ड की ओर से शासन की अनुमति लेते हुए 1921 एक्ट में संशोधन कर दिया गया है।


*यूपी बोर्ड के समकक्ष कौन सी संस्थाएं* 


देश के सभी राज्यों की विधि द्वारा स्थापित माध्यमिक शिक्षा परिषदों से संचालित हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट स्तर की परीक्षाएं यूपी बोर्ड की 10वीं-12वीं परीक्षाओं के समकक्ष हैं।


*मंडी परिषद भर्ती में ओएमआर शीट तलब*


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद में 283 पदों की भर्ती के मामले में मूल ओएमआर शीट और ट्रेज़री कापी पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही याचिका पर राज्य सरकार और आयोग से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने वंदना की याचिका पर अधिवक्ता मुजीब अहमद सिद्दीकी को सुनकर दिया है।


*अब राहुल गांधी ने भी उठाया 6800 शिक्षक भर्ती का मामला* 


प्रयागराज, प्रमुख संवाददाता। परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षित वर्ग की अनदेखी पर विधानसभा चुनाव से पहले जारी 6800 शिक्षकों की चयन सूची का जिन्न लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर ओबीसी और एससी वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ न्याय करने का अनुरोध किया है। नौ मार्च को भेजे पत्र में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए जवाबदेही सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। उम्मीदवारों की श्रेणीवार सूची, प्राप्त अंकों के विवरण के साथ घोषित करने की भी बात कही है।आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की शिकायत में मामले की जांच करने के बाद अप्रैल 2021 की अपनी रिपोर्ट में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. लोकेश कुमार प्रजापति ने 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण की अनदेखी मानी थी। रिपोर्ट के अनुसार ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित 18598 सीटों में से 5844 सीटें ऐसी थीं जो ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवारों की बजाय अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को दी गई और इस प्रकार ओबीसी उम्मीदवारों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ।उसके बाद आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने आंदोलन छेड़ दिया। अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल ने भी 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षित वर्ग के अनदेखी का मुद्दा उठाया था। दबाव बढ़ने पर सरकार ने जनवरी 2022 के पहले सप्ताह में आरक्षित वर्ग के 6800 अभ्यर्थियों की अतिरिक्त सूची जारी की। हालांकि असंतुष्ट अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका कर दी। हाईकोर्ट ने मार्च 2022 में अपने आदेश में कहा था कि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के अंकों और विवरण में कोई स्पष्टता नहीं है। इस मामले को लेकर अब तक कानूनी लड़ाई जारी है और सूची में शामिल आरक्षित वर्ग के 6800 अभ्यर्थी आज भी ठोकरें खाने को विवश


*एक सप्ताह में सेवानिवृत्ति, एनपीएस का नहीं मिला बकाया* 


प्रयागराज, प्रमुख संवाददाता।उत्तर प्रदेश में एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों की एनपीएस से जुड़ी समस्या का समाधान तकरीबन दो दशक के बाद भी नहीं हो सका है। हालत यह है कि 2019 से एनपीएस कटौती शुरू होने के पांच साल बाद भी उससे पहले का राज्य सरकार का अंशदान अब तक खातों में भेजा नहीं जा सका है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के विधि सलाहकार आमोद श्रीवास्तव की शिकायत पर बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने वित्त एवं लेखाधिकारी को पत्र लिखकर शासनादेशों के अनुरूप शिक्षकों के खातों में राज्यांश जमा करने के निर्देश दिए हैं।दिसंबर 2005 में ही नियुक्त और वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय पुरे दुर्गी बहरिया में कार्यरत शिक्षिका मनीषी गुप्ता की सेवानिवृत्ति 2028 में है। उनकी एनपीएस कटौती 2022 से शुरू हुई, लेकिन 17 साल का राज्यांश अब तक उनके खाते में ट्रांसफर नहीं हो सका है। उनकी चिंता है सेवा में रहते यदि रुपये खाते में नहीं आए तो सेवानिवृत्ति के बाद कैसे मिलेंगे।कम्पोजिट विद्यालय पारसपुर भगदेवरा कौड़िहार की शिक्षिका मधु चौधरी तकरीबन 19 साल की सेवा के बाद 30 मार्च को रिटायर होंगी। दिसंबर 2005 में नियुक्त मधु की एनपीएस कटौती 2019 में शुरू हुई। इस दौरान 2005 से 2022 के बीच का लगभग 14 साल की एनपीएस का राज्यांश, जो कि नौ से दस लाख के आसपास बनता है, उनके खाते में ट्रांसफर नहीं हो सका है। अब जबकि दो सप्ताह बाद रिटायरमेंट है, उन्हें यही चिंता सता रही है कि राज्य सरकार का अंश कैसे मिलेगा


*मनोविज्ञान विभाग ने जारी किया कटऑफ* 


प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पीएचडी में प्रवेश के लिए प्रक्रिया तेज हो गई है। संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट 2023) लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद मनोविज्ञान विभाग ने लेवल-2 यानी साक्षात्कार के लिए रविवार को कटऑफ जारी कर दिया गया है। विभाग की ओर से जारी कटऑफ के मुताबिक अनारक्षित वर्ग के 159 या इससे अधिक अंक पाने वाले, ओबीसी, एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस और पीएच के सभी लेवल-1 उतीर्ण करने वाले अभ्यर्थी पांच अप्रैल तक अपने दस्तावेज विभाग में जमा कर दें।


*आईआईटी छात्र आईएस से संबंध के आरोप में गिरफ्तार*


गुवाहाटी, एजेंसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के एक छात्र को आतंकवादी संगठन आईएस के प्रति निष्ठा रखने के मामले में रविवार को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया। वह मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।अधिकारी ने बताया कि आरोपी तौसीफ अली फारूकी जीवविज्ञान विषय में चौथे वर्ष का छात्र है और उसे शनिवार को हिरासत में लिया गया था। असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के महानिरीक्षक पार्थसारथी महंत ने बताया कि उससे पूछताछ के बाद पुलिस को आईएस के साथ उसके संबंधों के विश्वसनीय सबूत मिले और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। हमने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। हमने आईआईटी, गुवाहाटी परिसर में स्थित उसके छात्रावास के कमरे की भी तलाशी ली।


*शामिल होने जा रहा था*


अधिकारी ने बताया कि उसे शनिवार को कामरूप जिले के हाजो से तब हिरासत में लिया गया जब वह कथित तौर पर आतंकवादी समूह के प्रति निष्ठा रखने के बाद आईएस में शामिल होने जा रहा था। फारूकी को आईएस इंडिया के प्रमुख हारिस फारूकी उर्फ हरीश अजमल फारुखी और उसके सहयोगी अनुराग सिंह उर्फ रेहान को बांग्लादेश से भारत में दाखिल होने के बाद असम के धुबरी जिले से गिरफ्तार किए जाने के तीन दिन बाद हिरासत में लिया गया।


*जिले में एक अप्रैल से छह कस्तूरबा स्कूलों में होगी इंटर तक की पढ़ाई* 


सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। जिले के छह कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में आगामी शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से इंटर तक की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। छात्राओं के बैठने के लिए डेस्क, बेंच समेत अन्य उपकरण की खरीद विभाग ने शुरू कर दिया है। इन विद्यालयों को उच्चीकृत किया गया है।जिले के संचालित 13 ब्लॉक में छह कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छठवीं से आठवीं तक ही छात्राओं को पढ़ाई के साथ आवासीय सुविधा दी जाती है। कुल 600 छात्राएं पढ़ती हैं। आठवीं की पढ़ाई के बाद उन्हें नौवीं से इंटर के लिए अन्यत्र जाना पड़ता था। इसके चलते कई अभिभावक आगे की पढ़ाई रोक देते। इस पर सरकार ने जिले के कस्तूरबा विद्यालयों को इंटर तक उच्चीकृत करने के लिए पहल की है। जोगिया, उस्का बाजार, नौगढ़, मिठवल, खुनियांव व डुमरियागंज के कस्तूरबा विद्यालयों में अब अप्रैल से इंटर तक की पढ़ाई के लिए जरूरी उपकरण की खरीद जैम पोर्टल के माध्यम से विभाग कर रहा है। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कस्तूरबा विद्यालयों में कक्षा व आवास बनकर तैयार है। अप्रैल 2024 से नौवीं से 12वीं तक की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। यहां फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी की लैब भी तैयार की गई है।


*पुराने शिक्षकों से होगी पढ़ाई:*


9वीं कक्षा में नामांकन कराने वाली छात्राओं को इन विद्यालयों में पूर्व से कार्यरत शिक्षक ही पढ़ाएंगी। नए शिक्षकों की नियुक्ति होने तक यह व्यवस्था चलेगी।


छह ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में नए सत्र से 9वीं कक्षा में विज्ञान वर्ग की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। जोगिया और डुमरियागंज ब्लॉक में छात्रावास भी अलग से बनकर तैयार हो चुके हैं।


-सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा


*ट्यूशन टीचर ने चार साल की मासूम से दुष्कर्म किया*


नई दिल्ली।दिल्ली के पांडव नगर इलाके में शनिवार को ट्यूशन पढ़ने गई चार वर्षीय मासूम से ट्यूशन सेंटर के शिक्षक ने दुष्कर्म किया। सूचना फैलने पर लोग सड़कों पर आकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस के अनुसार, बच्ची परिवार के साथ पांडव नगर इलाके में रहती है। पास के कोचिंग सेंटर में एक महिला और उसका भाई ट्यूशन पढ़ाते हैं। परिजनों के अनुसार, शनिवार को कोचिंग सेंटर में महिला शिक्षक नहीं थी। महिला के 34 वर्षीय भाई ने बच्ची को अकेला पाकर उससे दुष्कर्म किया। उसने बच्ची को किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी और घर भेज दिया। शनिवार देर रात बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे डॉक्टर के पास ले गए, जहां दुष्कर्म की पुष्टि होने पर बच्ची को एलबीएस अस्पताल भेज दिया।वहां बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे एम्स रेफर कर दिया गया। बच्ची और आरोपी अलग-अलग समुदाय से संबंध रखते हैं। मामले में आप नेता आतिशी ने एलजी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की।


*कम्पोजिट स्कूल ग्रांट से दुरूस्त होंगे बूथ बने परिषदीय विद्यालय*


देवरिया।लोकसभा चुनाव को देखते हुए सदर के खंड शिक्षाधिकारी ने मतदान के लिए बूथ बनने वाले परिषदीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक को स्कूल में सभी सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए सभी स्कूलों में कंपोजिट ग्रांट उपलब्ध कराया गया है।सदर विकाश खण्ड अधिकारी देव मुनि वर्मा ने बताया कि क्षेत्र के जिन विद्यालयों में बूथ बनाया जाता है, वहां कंपोजिट ग्रांट से प्राप्त धनराशि से सुविधा अनिवार्य रूप से पूर्ण कर ली जाएं। जिससे मतदान के दिन किसी प्रकार की कोई परेशानी ने हो। उन्होंने बताया कि बूथ पर पेयजल की सुविधा, रैंप की सुविधा, विद्युतीकरण की सुविधा,कक्षा कक्ष में बल्ब और पंखे की सुविधा,पुरुष महिला अलग-अलग शौचालय सक्रिय स्थिति में एवं नल जल की आपूर्ति, विद्यालय परिसर में साफ सफाई, मतदान हेतु पर्याप्त फर्नीचर, दरवाजे खिड़की की सही स्थिति का कार्य पूर्ण करा लें।उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं किया जाएगा। खंडशिक्षाधिकारी ने कहा कि इस सप्ताह में इन सभी पैरामीटर को विद्यालय में सुनिश्चित करना सुनिश्चित करें। उच्च अधिकारियों निरीक्षण के दौरान यदि कोई भी पैरामीटर अपूर्ण पाया जाता है तो संपूर्ण जवाब देही प्रधानाध्यापक की होगी। इसके लिए उनके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि परीक्षाओं को समय से पूर्ण करते हुए उनका मूल्यांकन कर रिजल्ट शीट अंकित करते हुए तैयारी रखें । विभागीय आदेश के अनुसार मार्च के अंत तक परीक्षा परिणाम जारी करना है


*बेसिक शिक्षा : अब स्कूलों के बच्चे होंगे रोजगार परक शिक्षा में निपुण*


फर्रुखाबाद। सरकार रोजगार परक शिक्षा पर विशेष जोर दे रही है। इसलिए अब परिषदीय स्कूलों के बच्चे अभी अब रोजगार परक शिक्षा से जुड़कर इसमें निपुण होंगे। जिले के 16 परिषदीय स्कूलों का चयन हुआ है इनमे बच्चे करके सीखों के तहत एग्रीकल्चर, नर्सरी, गार्डनिग, होम हेल्थ आदि की टूल किट से रोजगार परक शिक्षा सीखेंगे।स्किल हब के प्रथम चरण में जिले के 16 परिषदीय विद्यालयों का चयन किया गया है। इन विद्यालयों में अब चार लाख 60 हजार 320 रुपए की टूल किट खरीदी जाएंगी। शासन ने टूल किट के लिए बजट उपलब्ध करा दिया है। विद्यालय प्रबंध समिति इस टूल किट की खरीद करेगी। टूल किट में एग्रीकल्चर से संबंधित मुख्य औजार रहेंगे। इसके अलावा नर्सरी में प्रयोग होने वाले औजार की भी खरीद जी जायेगी। इसके अलावा गार्डनिंग के अलावा होमहेल्थ की भी टूल किट खरीदी जायेगी। इसी टूल किट के माध्यम से बच्चों को प्रयोगशाला के माध्यम से पूरी जानकारी दी जायेगी कि किस तरह से इनका प्रयोग होता है और किस औजार का कब और कैसे प्रयोग किया जाता है। अभी तक परिषदीय विद्यालयों में ऐसा नहीं था लेकिन शासन की महत्वपूर्ण योजना लार्निग बाई डूइंग के तहत अब परिषदीय स्कूलों के बच्चों में अभी से रोजगार परक शिक्षा की ओर मोड़ना चाहती है इसलिए अभी जिले के इसमें 16 स्कूलों के बच्चे शामिल किए गए हैं।आने वाले समय में अन्य स्कूलों के बच्चे भी इस योजना के तहत शामिल किए जायेंगे। इस योजना में उच्च प्राथमिक और कंपोजिट के 16 विद्यालय ही शामिल है।


*बेसिक शिक्षा : दो वर्ष से अंकपत्रों व कॉपियों का व्यय धन नहीं मिला*


बस्ती। प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने दो सूत्री मांगों से सम्बंधित ज्ञापन बीआरसी पर बीईओ को सौंपा। शिक्षकों व शिक्षा मित्रों को दिए गए प्रशिक्षण की धनराशि भेजने और परीक्षा के अंक पत्रों, कापियों का व्यय धन उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई है।जिलाध्यक्ष ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में इन दिनों परीक्षायें चल रही हैं, किन्तु विभाग के लोग परीक्षा के दौरान प्रशिक्षण करा रहे हैं। यही नहीं प्रशिक्षण में हिस्सा लेने वाले प्रशिक्षु शिक्षकों को टीए, डीए आदि का भुगतान भी अभी तक नहीं कराया गया है। महामंत्री बालकृष्ण ओझा ने कहा कि पिछले दो वर्षों से अंकपत्रों, कॉपियों का व्यय धन शिक्षकों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जिला कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव ने बताया कि शनिवार को उनके नेतृत्व में सल्टौआ, रामनगर में रवि सिंह, गौर में अखिलेश पांडेय, दुबौलिया में रंजन सिंह, हर्रैया में रामसागर, बहादुरपुर में डॉ. प्रमोद सिंह, कुदरहा सनद पटेल, बनकटी सुरेश गौड़, रुधौली शिवरतन, विक्रमजोत देवेंद्र सिंह, सांऊघाट अशोक यादव, परशुरामपुर हरिओम यादव, बस्ती सदर राजेश गिरी और कप्तानगंज में ब्लाक अध्यक्ष हरेंद्र यादव के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपे गए।


*इस राज्य में होली पर शिक्षकों को छुट्टी नहीं, अपनी ही सरकार के फैसले पर भड़के नेता जी ; खूब खरी खोटी सुनाई*


पटना।होली में शिक्षकों को स्कूल बुलाए जाने पर भाजपा विधान पार्षद प्रो नवल किशोर यादव ने नीतीश सरकार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की है। बता दें कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आदेश के बाद होली पर शिक्षकों की छुट्टी को रद्द कर दिया गया है। रविवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत में भाजपा नेता ने कहा कि शिक्षकों को गुलाम समझने की भूल न करें। शिक्षकों ने इस बार के चुनाव में अगर अपनी मर्जी चला दी तो सबों को पता चल जाएगा।उन्होंने कहा कि शिक्षक को गुलाम समझते हैं क्या। शिक्षक विद्रोही होता है। जो गुलाम हो गया वह शिक्षक नहीं। शिक्षक जानता है कि फल का टेस्ट सीजन में ही किया जाता है। शिक्षक सीजन को भी जानता है और टेस्ट को भी जानता है, विद्रोह करना भी जानता है और लड़ना भी जानता है। बीजेपी एमएलसी ने सीधा आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में घोटाला हो रहा है। उससे ध्यान हटाने के लिए यह सब काम हो रहा है। सरकार को चुनौती देता हूं कि वह जांच कराए तो सब पता चल जाएगा। नवल किशोर यादव ने सवाल किया कि क्या शिक्षक का बाल बच्चा नहीं है जो होली में ट्रेनिंग पर बुला लिए हैं। शिक्षक उन अधिकारियों की तरह नहीं हैं जिनका कोई बेटा-बेटी नहीं है। स्कूलों में पढ़ाई की बात नहीं ट्रेनिंग की बात होती है। कभी खाना खिलाने की बात होती है। अगर स्कूलों में सब कुछ सुधर गया तो सरकारी अधिकारी अपने बच्चों को क्यों नहीं पढ़ा रहे हैं।  


*होली में शिक्षकों को बुलाना आपत्तिजनक : निखिल आनंद*


भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ निखिल आनंद ने कहा है कि शिक्षा विभाग में बैठे कई पदाधिकारी एनडीए सरकार की भावना और जनभावना के खिलाफ काम कर रहे हैं। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सरकार को अविलंब सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। रविवार को जारी बयान में भाजपा नेता ने कहा कि शिक्षा विभाग ने बिहार के स्कूली शिक्षकों को होली की छुट्टी में काम पर रहने और ट्रेनिंग पर जाने का फरमान दिया है। यह आपत्तिजनक है। होली में जबरन ट्रेनिंग पर भेजे जा रहे सभी शिक्षक मुसलमान हैं क्या? इन शिक्षकों के घर पर क्या होली नहीं मनाई जाएगी? शिक्षकों को परिवार- समाज के साथ त्योहार मनाने का अधिकार नहीं है? शिक्षा विभाग क्या ईद-बकरीद पर मुसलमान शिक्षकों को ट्रेनिंग पर भेजता है। सरकार को इसका ख्याल रखना चाहिए।

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