विकास भवन के गांधी सभागार में आज जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बाढ़ स्टेयरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित हुई, जिसमें आगामी मानसून के दृष्टिगत बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही न बरती जाये।
जिलाधिकारी श्री सिंह ने बताया कि रुद्रपुर तहसील के 52 गांव और बरहज के 6 गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किए गए हैं। बाढ़ से निपटने के लिए सिंचाई विभाग कि 15 परियोजना जनपद में संचालित है। राप्ती और गोर्रा नदियों के प्रमुख बन्धों की ससमय मरम्मत कर ली जाए। बाढ़ चौकियों को तीन कैटेगरी में विभाजित कर लिया जाए और वहां विगत वर्षों के विस्थापितों की संख्या के आधार पर शौचालय, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाए। नाव मालिकों, नाविकों और गोताखोरों की सूची तैयार कर ली जाए। बाढ़ के दौरान पेयजल की समस्या के समाधान हेतु समय रहते इलाके के 261 इंडिया मार्का हैंडपंप को इंडिया मार्का प्लेटफार्म के माध्यम से ऊंचा किया जाए। पशुपालन विभाग पशुओं के लिए टीका दवा एवं चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
जिलाधिकारी ने कहा कि कुरना नाला सहित सभी प्रमुख नालों की सफाई करा ली जाए, जिससे बारिश का पानी निर्बाध रूप से निकल जाए। जिलाधिकारी ने सीएमओ डॉ आलोक पांडेय को एंटी स्नेक वेनम, सहित विभिन्न आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने मंगलवार तक सभी संबंधित विभागों को माइक्रो प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान जिन-जिन समस्याओं से आमजन को रूबरू होना पड़ता है, उनकी लिस्टिंग करके अभी से तैयारी शुरू की जाए, जिससे बाढ़ जैसी अप्रिय स्थिति में जनता को न्यूनतम असुविधा हो।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, सीएमओ डॉक्टर आलोक पांडेय, एडीएम वित्त एवं राजस्व नागेंद्र कुमार सिंह एसडीएम/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी एसडीएम सौरभ सिंह, एसडीएम ध्रुव कुमार शुक्ला, एसडीएम आर पी वर्मा, अधिशासी अभियंता बाढ़ एनके जाडिया, डीएसओ विनय कुमार, ईओ नगर पालिका रोहित सिंह, सीवीओ पीएन सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।






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