रिपोर्ट- सैय्यद आसिफ हुसैन जैदी
बलिया । पैग़ंबरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब के छोटे नवासे हज़रत इमाम हुसैन अoस0 व उनके 72 साथियों की अज़ीम शहादत की याद में मनाए जाने वाला चेहल्लुम के मौके पर शिया समुदाय द्वारा ताजिया, दुलदुल, अलम, और अमारीओं के साथ कर्बला पर पहुंचकर बढ़ा दिया गया ।
इस मौकें पर अंजुमन हाशममियां के मेम्बरान नें जंजीरी मातम वह सीना ज़नी के साथ ही नौहाख़ानी कि।
इससे पूर्व मौलाना हैदर मेहंदी ने मजलिस में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा की इमाम हुसैन अ0स0 के अमन
और इंसानियत के पैग़ाम को मोमेनिन तक पहुंचाते हुए कहा कि इमाम हुसैन ने इंसानियत को बचाने के लिए अपने परिवार सहित बहत्तर साथियों की कुर्बानी पेश कर दिया। उन्होंने बताया
की इमाम हुसैन ने जो क़ुर्बानी दी उसके बारे में
सब को बताना आज की जरूरत है ।इस अवसर पर तबर्रुकात ताज़िया, दुलदुल, अलम, को कर्बला पहुंच कर ठंडा किया गया। इसके पूर्व मजलिस हुई मजलिस मौलाना हैदर मेहन्दी ने सम्बोधित किया।नौहाखानी अन्जुमन हाशिमिया के नौहा खानी पेश किया। बाद सलाम के चेहल्लुम के ताजिए और तबर्रुकात दफ़न किए गए। अलविदाई तक़रीर को मौलाना अली अब्बास ने खिताब किया।






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