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मौसम की बेरुखी के चलते नहीं हो सका चांद का दीदार, रात 8:30 बजे के बाद पतियों का चेहरा देखकर खोला व्रत
देवरिया। अर्णब तूफान के असर से शुक्रवार को जनपद सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदला रहा। आसमान में दिनभर धुंध छाई रही और रुक-रुककर हो रही रिमझिम बारिश ने करवाचौथ के पर्व पर सुहागिन महिलाओं की परेशानी बढ़ा दी। आसमान में बादलों और धुंध के कारण चंद्रमा का दीदार नहीं हो सका। इसके बावजूद महिलाओं ने अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार करवाचौथ का व्रत रखा।
क्षेत्र के रामलक्षन, लुवठही, छपौली, लक्ष्मीपुर, रामनगर सहित आसपास के गांवों में सुहागिन महिलाओं ने सुबह से ही निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। दिनभर पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां चलती रहीं। शाम को महिलाओं ने विधि-विधान से करवाचौथ की पूजा की और कथा सुनकर पति की दीर्घायु की कामना की।
मौसम खराब होने के कारण चांद निकलने का इंतजार कर रही महिलाओं को काफी देर तक निराशा हाथ लगी। रात्रि करीब 8:30 बजे के बाद भी चंद्रमा का दीदार नहीं होने पर कई सुहागिनों ने परंपरा के अनुसार पति के चेहरे का दीदार कर उनकी आरती उतारी और व्रत का पारण किया। मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद महिलाओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं दिखी।







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