*गांधी-शास्त्री जयंती और मेजर मारकेन्डेय सिंह की पुण्यतिथि पर जुटे खेलप्रेमी, पहलवानों के दांव-पेच पर गूंजती रही तालियां
गौरी बाजार, देवरिया। गांधी-शास्त्री जयंती और मेजर मारकेन्डेय सिंह की पुण्यतिथि पर गुरुवार को ग्राम जोगम का अखाड़ा पहलवानों के जोर-आजमाइश से गुलजार रहा। हर दांव के साथ दर्शकों की निगाहें अखाड़े पर टिक जातीं और पहलवान के प्रतिद्वंद्वी को पटखनी देने पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मैदान गूंज उठता। परंपरा के अनुसार आयोजित विशाल दंगल में छोटे-बड़े पहलवानों के बीच करीब 60 कुश्तियां हुईं।
दंगल में आसपास के गांवों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पहलवानों ने अपनी ताकत और कुश्ती के दांव-पेच का प्रदर्शन किया। कई मुकाबलों में पहलवानों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। अखाड़े के चारों ओर खड़े दर्शक पूरे उत्साह के साथ पहलवानों का हौसला बढ़ाते रहे। युवाओं में दंगल को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आचार्य स्वामी डॉ. सच्चिदानंद रहे। उन्होंने पहलवानों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि कुश्ती केवल शारीरिक ताकत का खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास की परीक्षा भी है। ग्रामीण अंचलों में होने वाले ऐसे आयोजन युवाओं को पारंपरिक खेलों से जोड़ने का काम करते हैं।
दंगल का आयोजन पूर्व प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह और सेवानिवृत्त कृषि उप निदेशक सतेंद्र सिंह के निर्देशन में तथा वरिष्ठ नागरिक स्वाभिमान समिति के अध्यक्ष जयनारायण सिंह , प्रधान जोगम विरेन्द्र निषाद,व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष धन्नजय राव व शिक्षक राणा प्रताप सिंह आदि के द्वारा
किया गया। आयोजकों की देखरेख में मुकाबले व्यवस्थित तरीके से कराए गए।
सिकंदर यादव ने कुछ ही मिनटों में मारी बाजी
दंगल का प्रमुख मुकाबला नदुवाज्ञानपार, गोरखपुर के पहलवान सिकंदर यादव और कानपुर के पहलवान कमल यादव के बीच हुआ। अखाड़े में उतरते ही दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे की ताकत परखी। मुकाबला शुरू होते ही दोनों ने दांव-पेच आजमाए, लेकिन सिकंदर यादव ने तेजी दिखाते हुए कुछ ही मिनटों में कमल यादव को चित कर दिया। सिकंदर की जीत के बाद दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।
आयोजकों के अनुसार, दंगल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में कुश्ती की परंपरा को कायम रखने के साथ स्थानीय युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना है।







0 comments:
एक टिप्पणी भेजें