एचआरपी वाली गर्भवती की पहचान महत्वपूर्ण
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देवरिया, 11 अगस्त 2026। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देशन में मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से आकांक्षी ब्लॉक गौरीबाजार के ब्लॉक सभागार में मंगलवार को बीडीओ स्वाति की अध्यक्षता में स्वास्थ्य कार्मियों के एकदिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में संघर्षशील सीएचओ, एएनएम आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकत्री।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को ग्राम पोषण एवं स्वास्थ्य दिवस के सफल आयोजन, उच्च जोखिम वाली (एचआरपी) गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं फॉलोअप व ट्रिपल ए मीटिंग की रूपरेखा एवं महत्व के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण देते हुए सहयोगी संस्था यूपीटीएसयू के जिला प्रतिनिधि सतीश कुमार सिंह ने कहा कि जमीनी स्तर पर समय से पहचान और नियमित अनुश्रवण के द्वारा ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। इस कार्य में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने गर्भवती की देखभाल, समूह के साथ बैठक, संपूर्ण टीकाकरण, परिवार नियोजन के साधनों का प्रचार प्रसार, पुरुष व महिला नसबंदी को बढ़ावा देने के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा कुपोषण के प्रति लोगों को जागरूक करना, अनुपूरक आहार की जानकारी, स्तनपान के लिए जागरूक करने पर जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि सीएचओ व एएनएम एचआरपी वाली वाली महिलाओं को चिन्हित कर उचित खानपान की सलाह दें।
प्रशिक्षण में डॉ मनोज कुमार जैन, बाल विकास परियोजना अधिकारी कौशल सिंह, राधेश्याम यादव, बीपीएम शैलेंद्र कुमार ओझा, एआरओ संदीप कुमार उपाध्याय अन्य अधिकारी मौजूद रहे!








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