देवरिया 15 मई। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक अभिजित आर शंकर की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की कानून-व्यवस्था की स्थिति, लंबित अभियोजन प्रकरणों तथा न्यायालयों में चल रहे मामलों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न न्यायालयों में लंबित अभियोजन मामलों की समीक्षा करते हुए प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों से कहा कि गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में नियमित रूप से मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि न्यायालयों में लंबित मामलों में साक्ष्यों एवं गवाहों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए, जिससे मामलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने पुलिस एवं अभियोजन विभाग के अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया।
बैठक में महिला अपराध, पॉक्सो एक्ट, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट एवं अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरती जाए तथा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखें। साथ ही जनसामान्य की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए जनसामान्य में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण बनाए रखना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने अभियोजन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित किए जाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अपराधियों को समयबद्ध एवं कठोर सजा दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियोजन एवं पुलिस विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि कोई भी दोषी सजा से बच न सके तथा न्यायालयों में मजबूत साक्ष्य एवं प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में पुलिस विभाग, अभियोजन विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।








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