रुद्रपुर (देवरिया)। आज के बदलते परिवेश में धर्म और संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। जहां एक ओर लोग अपने धर्म और परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर समाज में अनेक प्रकार की समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं।
उक्त बातें श्रीत्रिलोक शक्ति अनुष्ठान पूजन समिति के महामंत्री पंडित गुलाबचंद पांडे ने कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोग अपने धर्म को छोड़कर अन्य धर्मों को अपनाने में भी पीछे नहीं हट रहे हैं, जिसका खामियाजा समाज और आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं को भूलते जा रहे हैं, जिससे सामाजिक और नैतिक मूल्यों में गिरावट देखने को मिल रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाली पीढ़ी अंधकार की ओर बढ़ सकती है।
पं.गुलाब पांडे ने कहा कि समाज को आध्यात्मिक मार्ग अपनाते हुए अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में भी कहा गया है — “धर्मो रक्षति रक्षितः”, अर्थात जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को संस्कार और संस्कृति से जोड़ें, ताकि समाज में नैतिकता, सद्भाव और आध्यात्मिकता का वातावरण बना रहे।







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