*वैज्ञानिक तरीकों से पशुपालन करना अत्यंत आवश्यक: डॉ दिग्विजय
देवरिया। विकास खंड बैतालपुर अन्तर्गत एक दिवसीय पशुपालक प्रशिक्षण का आयोजन पशु चिकित्सालय प्रांगण में आयोजित किया गया। पशु चिकित्साधिकारी डॉ दिग्विजय यादव ने प्रशिक्षण में बताया कि भारत के ग्रामीण जीवन और कृषि व्यवस्था में पशुपालन का विशेष महत्व है। गाय,भैंस,बकरी,कुक्कुट तथा अन्य पालतू पशु न केवल दूध,मांस,अंडे और अन्य उत्पाद प्रदान करते हैं बल्कि किसानों की आय बढ़ाने,रोजगार सृजन करने और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज के समय में वैज्ञानिक तरीकों से पशुपालन करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। यदि पशुपालक सही नस्ल का चयन,संतुलित आहार,उचित देखभाल,रोगों की रोकथाम और प्रबंधन के आधुनिक तरीकों को अपनाएं तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
पशुधन प्रसार अधिकारी निशाकान्त तिवारी ने विभाग की विभिन्न योजनाओं को विस्तार से जानकारी दिया जिसमें सहभागिता योजना,पशुधन बीमा,पशुपालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड,नंद बाबा दुग्ध मिशन,राष्ट्रीय पशुधन मिशन आदि प्रमुख रहे। मोबाइल वेटनरी यूनिट की आपातकालीन सेवा टोल फ्री नंबर 1962 द्वारा पशुपालक के द्वार पर दिया जा रहा है। आज वैश्विक हलचल में पशुपालक बायो गैस प्लांट लगवाकर घरेलू ईंधन में भी आत्मनिर्भर हो सकता है। प्रशिक्षण में सभी पशुपालकों को पशुपालन प्रशिक्षिका का वितरण किया गया जो उनके आय बढ़ाने में मदद करेगी। प्रशिक्षण में सुभाष चंद्र,धर्मेंद्र यादव,अनुराग मणि,सुनील कुमार,दुष्यंत तिवारी,अरविंद प्रजापति, राजकुमार यादव,अभिषेक मणि,पंकज मणि,जय प्रकाश यादव,सीताराम आदि पशुपालक शामिल रहे।







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