जनपद देवरिया में "नव भारत साक्षरता कार्यक्रम" के अंतर्गत 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयुवर्ग के चिन्हित असाक्षरों के लिए विशेष कक्षाओं का संचालन सफलतापूर्वक सम्पन्न होने के उपरांत आज दिनांक 15 मार्च 2026 को साक्षरता परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा का आयोजन जनपद के लगभग 650 परीक्षा केंद्रों पर किया गया, जिसमें लगभग 16000 असाक्षरों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
यह परीक्षा असाक्षरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मूल्यांकन उपरांत सफल प्रतिभागियों को NIOS (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल) द्वारा साक्षरता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इस प्रमाण पत्र के माध्यम से उन्हें साक्षर के रूप में औपचारिक मान्यता प्राप्त होगी।
परीक्षा को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने हेतु जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह के द्वारा समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को ब्लॉक स्तर का नोडल अधिकारी नामित किया गया तथा सभी जिला समन्वयकों की ड्यूटी परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षण कार्य हेतु लगाई गई।
देवरिया सदर विकास खण्ड के खण्ड शिक्षा अधिकारी देव मुनि वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आज दिनांक 15 मार्च 2026 को जनपद में इस परीक्षा का एक साथ आयोजन किया जा रहा है। यह पहल प्रदेश स्तर पर साक्षर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह एवं सदर विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी देव मुनि वर्मा ने संविलियन बैदा बांस पार समेत कई केंद्रों पर साक्षरता परीक्षा का अनुश्रवण किया।
संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, देवरिया के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सकुशल सम्पन्न हुई। इस अवसर पर उन्होंने परीक्षा में शामिल सभी प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की और उम्मीद जताई कि साक्षरता की यह यात्रा जनपद सहित पूरे प्रदेश को शिक्षित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर समाज की ओर अग्रसर करेगी।
आज की साक्षरता परीक्षा में साक्षर प्रतिभागियों और अध्यापकों में विशेष उत्साह देखा गया । जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जो प्रतिभागी किसी कारणवश आज की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए उनको पुनः अवसर देते हुए आगामी माह सितम्बर 2026 में आयोजित परीक्षा में शामिल कराया जाएगा।
*कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बैतालपुर का अनुश्रवण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह के द्वारा किया गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी आवासीय परिसर में बालिकाओं से संवाद स्थापित किया उनके पठन पाठन और पाठ्यचर्या में क्रियाकलापों की जानकारी प्राप्त किए। बालिकाओं से संवाद स्थापित किया तथा बालिकाओं का उत्साह वर्धन किया। निरीक्षण के समय आवासीय विद्यालय परिसर में बालिकाओं की अच्छी उपस्थिति पाई गई तथा बालिकाओं को आगामी वार्षिक परीक्षाओं तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिभाग करने हेतु प्रोत्साहित किया।







0 comments:
एक टिप्पणी भेजें