02 जुलाई 2025! देवरिया! जिला प्रशासन परिवार परिवार विभिन्न-भिन्न से संबंधित मामलों के लिए 'सुलह योजना' का उपयोग
कर रहा है, जो अब लोगों के जीवन में सार्वभौम ला रही है। सालों से चली आ रही हैं रानियाँ, जो रिश्तों में दूरियाँ पैदा हुई थीं गुमनाम करावली में, अब संवाद और समझदारी से ख़त्म हो रही हैं। अब तक इस योजना के तहत 305 मामलों के समाधान पर सहमति का भुगतान किया गया है, जिसमें केवल एक परिवार में मेलजोल को शामिल नहीं किया गया है, बल्कि अदालतों पर पदनामों का भार भी कम हो गया है।
'सुलह योजना' का उद्देश्य यह है कि जिन मुख्य बातों पर परिवार में कुछ लिखा हुआ है, उन्हें अदालतों के चक्कर काटने के बजाय तहसील स्तर पर ही हल किया जाए। विशेष रूप से धारा 116 के तहत उप सुप्रीम कोर्टों में 30 वर्ष से अधिक उम्र के क्वार्टरों के मामलों को शामिल किया जा रहा है। सलेमपुर में 82, वाराणसी में 65, बरहज में 61, भाटपाररानी में 49 और रुद्रपुर में 48 प्रकरणों का पूर्ण समाधान इसी योजना के तहत हुआ है।
आश्रम-परिवार में फिर से विश्वास को खत्म करने की बात कही गई है। जब लोग स्वयं में शामिल होकर बातें करते हैं और समाधान निकालते हैं, तो वह निर्णय स्थिर होता है और भविष्य की यात्रा को भी एक शांत मोरचा कहते हैं।
इस योजना से परिवार का समय जुड़ा हुआ है, परिवार में छुट्टियां आ रही हैं और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता कम हो रही है। जिला प्रशासन जिलावासियों से अपील करता है कि वे अपने सह खातेधारकों या पारिवारिक व्यापारियों को लेकर 'सुलह योजना' का लाभ उठाएं और सुगम्य संवाद के समाधान की दिशा में आगे बढ़ें। इसके लिए वे संबंधित तहसील कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।







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