देवरिया, 07 अगस्त। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कलेक्ट्रेट सभागार में निर्माण कार्यों एवं सांसद निधि के कार्य प्रगतियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित तिथि तक कार्य पूरा न होने की स्थिति में संबंधित कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जल निगम (नगरीय) द्वारा कराए जा रहे निर्माणाधीन नाला निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कार्य में तेजी लाने तथा उसे प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।उन्होंने सभी विभागों को भी अपनी निर्माणाधीन परियोजनाओं का नियमित एवं प्रभावी अनुश्रवण करने तथा कार्यदायी संस्थाओं को समय-समय पर आवश्यक निर्देश देने को कहा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के अनुश्रवण में लापरवाही अथवा कार्य पूर्ण कराने में विलंब के लिए संबंधित विभाग भी समान रूप से जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन परियोजनाओं में बजट की आवश्यकता है, संबंधित विभाग समय-समय पर शासन स्तर पर पत्राचार कर धनराशि अवमुक्त कराने की पहल करें, ताकि कार्यों की पूर्णतया में किसी प्रकार की देरी न हो।
समीक्षा के दौरान देवरिया-कसया मार्ग निर्माण परियोजना में वृक्षों के कटान का विषय सामने आया। इस पर उन्होंने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को आवश्यक अनुमोदन प्राप्त कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एआरटीओ कार्यालय निर्माण, मईल पुलिस चौकी निर्माण सहित राज्य निर्माण सहकारी संघ, सेतु निगम, उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन, सीएनडीएस, आरईडी तथा अन्य कार्यदायी संस्थाओं द्वारा संचालित निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने भी समीक्षा के दौरान सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्माणाधीन परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल कुमार पाण्डेय, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिचंद्र नाथ, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पाण्डेय, डीएसटीओ अरुण कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ओम प्रकाश प्रजापति, परियोजना निदेशक अनिल कुमार, एडीएसटीओ आनंद चौरसिया, सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अभियंता एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








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