वाराणसी में शनिवार को पीएम मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक हो गई। यहां पीएम के काफिले के सामने एक युवक दौड़कर आ गया। यह वाकया, तब हुआ जब पीएम रुद्राक्ष सेंटर से निकलकर बाबतपुर एयरपोर्ट जा रहे थे। घटनाक्रम के दौरान पुलिस के हाथ-पैर फुल गए। तुरंत युवक को दबोचकर वहां से हटाया।
पीएम का काफिला रवाना होने के बाद पुलिस युवक को सिगरा थाने लेकर गई। वहां सुरक्षा एजेंसियों ने युवक से कई घंटे तक पूछताछ की। पता चला है कि युवक का नाम कृष्णा गुप्ता है। वह गाजीपुर के जमानियां रोड का रहने वाला है। पिता का नाम भरत प्रसाद गुप्ता है। उनकी गाजीपुर के ही मिश्रबाजार में कोयले और प्लास्टिक की दुकान है।
सूत्रों के मुताबिक, कृष्णा गुप्ता पहले सेना में भर्ती की तैयारी करता था। वह कई बार सेना भर्ती में शामिल हुआ। एक भर्ती में उसका रिटेन सिलेक्शन हुआ। मगर मेडिकल में अनफिट कर दिया था। सैन्य मेडिकल टीम के इस निर्णय के खिलाफ कृष्णा कोर्ट चला गया था। वहां से मेडिकल की गाइडलाइन ले आया था। हालांकि, नौकरी नहीं मिली। वजह क्या थी? इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।पूछताछ में यह भी पता चला कि कृष्णा ने इन्वेस्टर समिट के दौरान लखनऊ में सीएम योगी और राजनाथ सिंह की फ्लीट रोकने की कोशिश की थी। फ्लीट की कार पर कागजी दस्तावेजों को गोले बनाकर फेंका था। यही नहीं, वह पहले भी सत्तापक्ष के नेताओं और मंत्रियों का घेराव भी कर चुका है। युवक की मंशा पीएम व अन्य नेताओं से मिलकर नौकरी की मांग करने की थी।
शनिवार शाम पीएम काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव के समापन के बाद 6:40 मिनट पर रुद्राक्ष हाल से निकले। काफिला एयरपोर्ट की ओर रवाना होने लगा। पीएम को गेट नंबर-2 से जाता देखकर कृष्णा गुप्ता हाथ में एक फाइल लेकर कार की ओर दौड़ने लगा।बैरिकेडिंग और गेट नंबर-1 पर सुरक्षाकर्मियों को धता बताते हुए गेट नंबर-2 के करीब पहुंच गया। पीएम की कार गेट से बाहर निकली तो वह 10-12 फीट की दूरी तक पहुंच गया। हालांकि, युवक को काफिले की तरफ दौड़ता देखकर पुलिसकर्मियों ने कुछ ही सेकंड में उसको दबोचकर वहां से हटा दिया। इससे पीएम का काफिला बिना रुके वहां से गुजर गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, युवक कृष्णा को वाराणसी में पीएम के दौरे का पता चला तो वह गाजीपुर से वाराणसी आ पहुंच गया। युवक ने पुलिस को बताया कि वह पीएम से मिलना चाहता था। इसके लिए पहले वह संपूर्णानंद गया। वहां प्रवेश नहीं मिलने पर 5 बजे रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर आ गया।यहां दो घंटे तक पीएम फ्लीट के निकलने का इंतजार करता रहा। पीएम का काफिला निकलते ही वह एक्टिव हुआ और काफिले की तरफ दौड़ लगा दी।
कृष्ण कुमार गाजीपुर का रहने वाला है। आज उससे SPG की टीम पूछताछ करेगी।
पुलिस ने कृष्णा के पास से कई दस्तावेज बरामद किए हैं। उसके पास भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सभा और बैठक का एक कार्ड मिला। वहीं, गाजीपुर नगर पालिका चेयरमैन सरिता अग्रवाल का एक सिफारिशी लेटर हेड भी मिला। इसके अलावा, कोर्ट की गाइडलाइन के दो दस्तावेज बरामद किए गए। उसके पास कुछ नगदी और दस्तावेज बरामद हुए हैं। हालांकि, पुलिस ने अधिकृत तौर पर इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।फिलहाल, अब सुरक्षा एजेंसियों ने कृष्णा के खिलाफ दर्ज मामले को खंगालने में लगी हैं। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है, पुलिस आगे की जांच कर रही है। SPG उससे पूछताछ करने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी।
कृष्णा गुप्ता जनता के बीच खुद को भाजपा कार्यकर्ता और गाजीपुर का मंडल पदाधिकारी बताता है। वह गले में एक आईकार्ड भी डालकर रखता है, जो गाजीपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के कार्यक्रम का है। वह पिछले कई साल से सेना में जीडी-क्लर्क पद पर नौकरी की मांग को लेकर नेताओं के पास दौड़ता रहता है।इससे पहले सीएम के जनता दरबार में भी जाने का प्रयास कर चुका है। गाजीपुर में तत्कालीन सांसद और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के पास जाकर नौकरी के लिए रक्षा मंत्री को पत्र भेजने की बात कह चुका है। वहीं, तत्कालीन जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने भी उसे कार्यालय से समझा बुझाकर लौटाया था।
पीएम के दौरे को लेकर रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के बाहर 7 स्तरीय सुरक्षा थी। ऐसे में एकाएक पीएम के काफिले के सामने आने की घटना से जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार तक हडकंप मचा है। क्योंकि, यह पूरी घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। अब सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले जांच के दायरे में आ गए हैं। पीएम की सुरक्षा में चूक के स्तर की जांच के लिए रुद्राक्ष में तैनात पुलिसकर्मियों को सूची बनाई जा रही है।पुलिस पूछताछ में पता चला है कि कृष्णा गुप्ता का पूरा परिवार गाजीपुर में रहता है। कृष्णा अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर का है। मिश्रबाजार में कृष्णा के पिता कोयला और प्लास्टिक के बर्तन बेचते हैं। वारदात के बाद दैनिक भास्कर ने आरोपी के पिता से वजह जाननी चाही, लेकिन उन्होंने इस मामले से बात करने से मना कर दिया।






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