संजीव सिंह आर्चरी इंस्टीट्यूट का उद्देश्य अत्याधुनिक खेल अवसंरचना के माध्यम से 2032 और 2036 ओलंपिक के लिए ग्रामीण प्रतिभाओं की एक मजबूत श्रृंखला विकसित करना है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित कान्हौली, श्रीनेट ग्लोबल स्कूल परिसर में देश का पहला ग्रामीण पैरा आर्चरी सेंटर स्थापित करने के लिए संजीवा सिंह आर्चरी इंस्टीट्यूट के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस केंद्र का उद्देश्य पैरा तीरंदाजों को ओलंपिक के लिए तैयार करना है।
यह केंद्र अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा, जिनमें इंडियन ऑयल आउटडोर 70-मीटर रेंज (नाइट प्ले सुविधा सहित) तथा ONGC और STCI फाइनेंस लिमिटेड द्वारा समर्थित हाई परफॉर्मेंस इंडोर आर्चरी सेंटर शामिल हैं। यहां जर्मनी का बायोमैकेनिक्स रिंग शॉट वीडियो एनालिसिस सिस्टम, स्विट्ज़रलैंड का डार्टफिश, अमेरिका का मेंटिस सॉफ्टवेयर, इटली का K-Force प्लेटफॉर्म, VO2 एनालिसिस, EEG और EMG जैसी उन्नत तकनीकों के माध्यम से स्पोर्ट्स MRI स्तर का विश्लेषण किया जाएगा।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को सशक्त बनाने के लिए IOCL के प्रयासों का हिस्सा है। IOCL ने पैरा एथलीटों को उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करने हेतु पैरालंपिक्स कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) के साथ भी सहयोग किया है।
IOCL की कार्यकारी टीम, जिसमें मुकेश दास (ED HR, इंडियन ऑयल), राजेश सिंह (ED एवं स्टेट हेड UP, IOCL), श्री मिश्रा (चीफ जनरल मैनेजर HR, IOCL), लखनऊ से DGM (HR) श्री बी. एल. पाल, दिल्ली से चीफ मैनेजर (HR) IOCL, श्री संजीव राय (अकाउंटेंट, IOCL लखनऊ) तथा गोरखपुर जिले के अन्य IOCL अधिकारी शामिल थे, ने श्रीनेट ग्लोबल स्कूल परिसर का दौरा किया और विकसित की गई अवसंरचना व प्रयासों की सराहना की।







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