जर्जर भवन की मरम्मत कराने में सरकार करेगी सहयोग
समूचे खर्च का 75 प्रतिशत देगी सरकार, 25 प्रतिशत प्रबंधक देंगे
बस्ती। जिले में 40 से अधिक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के भवन जर्जर हो गए हैं। कुछ के भवन ध्वस्त होने के कगार पर हैं तो कुछ के भवन कमजोर हो गए हैं। बरसात में टपकते हैं तो प्लास्टर उखड़ गए हैं। एक दशक से अधिक का समय गुजरने के बाद भी केवल पिलर खड़े हैं और छत नहीं बन पाया है। अब इन विद्यालयों के मरम्मत व जीर्णोद्धार की उम्मीद जगी है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने बुधवार को घोषणा की है। पहले से प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जिले के पांच माध्यमिक विद्यालयों ने आवेदन किया है, जिनकी प्रक्रिया जारी है।बस्ती में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत पांच सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के अलावा चार राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के मरम्मत व जीर्णोद्धार का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। यदि अन्य अशासकीय व संस्कृत विद्यालय प्रोजेक्ट अलंकार के तहत आवेदन करते हैं तो उनको भी योजना में शामिल किया जाएगा। जिले के 70 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय, 16 संस्कृत विद्यालय और 23 राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। यह विद्यालय सरकार के प्रोजेक्ट अलंकार का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें से महज पांच विद्यालयों ने आवेदन किया है। एक विद्यालय दिलेश्वरी इंटर कॉलेज रुधौली का प्रस्ताव पूर्ण है।शेष चार विद्यालय नेशनल इंटर कॉलेज हर्रैया, गौतम इंटर कॉलेज पिपरा गौतम, जनता इंटर कॉलेज लालगंज, जनता शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज ओड़वारा के आवेदन को पूरा करने के लिए डीआईओएस ने प्रधानाचार्य व प्रबंधक को पत्र लिखा है।
जिले के 70 माध्यमिक सहायता प्राप्त विद्यालयों में 40 ऐसे विद्यालय हैं, जिनके भवन का अधिकांश भाग अथवा आंशिक भाग जर्जर हो गया है। वह मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार प्रोजेक्ट अलंकार का हिस्सा हो सकते हैं। यदि इन विद्यालयों के प्रधानाचार्य व प्रबंधक निर्धारित प्रारूप पर ऑनलाइन आवेदन करते हैं तो उनके भवन का भी कायाकल्प हो सकता है। प्रोजेक्ट के तहत आने वाले संपूर्ण खर्च का 25 प्रतिशत हिस्सा प्रबंधक को उपलब्ध कराना है। शेष 75 प्रतिशत धनराशि प्रदेश सरकार देगी। निर्माण का कार्य सरकार की तरफ से नामित एजेन्सी करेंगी।
जीआईसी व जीजीआईसी का भी होगा निर्माण
डीआईओएस जगदीश प्रसाद शुक्ल ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जीर्णोद्धार के लिए जीआईसी और जीजीआईसी का चयन किया गया है। पीडब्लूडी की टीम ने जीआईसी का प्रस्ताव भी तैयार किया है। भवन का आंशिक तौर पर ध्वस्त कर नया निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा दो राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इंदौली और रमवापुर राजा का चयन किया गया है। यहां पर निर्माण एजेन्सी ने भवन अधूरा छोड़ दिया था। अब प्रोजेक्ट अलंकार के तहत इन दोनों विद्यालयों का भवन भी पूरा हो जाएगा।
मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय 398
अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय 70
मान्यता प्राप्त संस्कृत विद्यालय 16
राजकीय माध्यमिक विद्यालय 23
नेशनल इंटर कॉलेज हर्रैया के चार कमरे हैं जर्जर
जूनियर सेक्शन चार कमरे जर्जर हैं, सरिया दिख रहा है। बरसात में पानी टपकता है। दूसरी मंजिल पर चार कमरे दो दशक से अधूरे हैं। 1300 बच्चे यहां पर पढ़ाई कर रहे हैं। 20 शिक्षक व एक प्रधानाचार्य सहायता प्राप्त व्यवस्था के तहत हैं। व्यवसायिक के तहत भी यहां पर पढ़ाई होती है। वित्तविहीन व्यवस्था के तहत शिक्षक तैनात हैं। प्रधानाचार्य डॉ. राममिलन सिंह ने बताया कि जर्जर भवन होने के कारण कठिनाई हो रही है।
दिलेश्वरी इंटर कॉलेज का भी होगा कायाकल्प
दिलेश्वरी इंटर कॉलेज रुधौली में लगभग 1200 विद्यार्थी हैं। यहां पर शिक्षण कक्ष मिला लगभग 20 कमरे हैं, जिसमें 14 कमरे ऐसे हैं जो चूना व सुर्खी आधारित हैं। यह भवन जर्जर हो चुका है। विद्यालय प्रबंधन व प्रधानाचार्य ने प्रोजेक्ट अलंकार के तहत आवेदन किया है। प्रबंधक शांतनु सिंह ने बताया कि भवन मरम्मत का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द निर्धारित वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।
विद्यालयों मरम्मत का भी होगा काम
जिला समन्वयक बागीश पाठक ने बताया कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत ऐसे भी विद्यालयों का चयन किया जा रहा है, जहां मरम्मत के काम होंगे। इस कार्य के लिए यूपीपीसीएल को कार्यदायी संस्था के तौर पर चुना गया है। शासन से मनरेगा के तहत कनवर्जन प्लान के तहत 14 विद्यालय चयनित हैं, जिसमें से आठ विद्यालय की चहारदीवारी बनकर तैयार हो गई है।






.jpeg)
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें