योजनाओं का हो प्रभावी क्रियान्वयन, फील्ड में बेहतर पर्यवेक्षण करें अधिकारी
सभी सीडीपीओ अपने तैनाती स्थल पर करें निवास
सभी आंगनबाडी केन्द्रों में आवश्यक संसाधन की उपलब्धता रहे सुनिश्चित-डीएम
देवरिया11 मई। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने विकास भवन के गांधी सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक की अध्यक्षता के दौरान कहा है कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित योजनाएं अत्यन्त महत्वपूर्ण है। बच्चो का कुपोषण को दूर करने एवं उन्हे बुनियादी शैक्षिक क्रियाशीलताओं से जोडने में इसकी महती भूमिका है, इसलिये इसकी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अनिवार्य है। सभी सीडीपीओ विभाग की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं पर्यवेक्षण करें। इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाल विकास से जुडे सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनवाडी कार्यकर्तियों, सहायिकाओं को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा व मनोयोग से किये जाने के साथ ही जो भी अनुमन्य सुविधाये व योजनायें संचालित है, उसे लाभार्थियों तक प्रत्येक दशा में पहुॅचाये। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी अधिकारी अपने तैनाती स्थल पर ही रात्रि विश्राम करें और अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में 6707 बच्चों का गंभीर अल्प वजन वाले लाल श्रेणी तथा 2660 बच्चों का कुपोषण से ग्रसित होना चिंता का विषय है। इन सभी बच्चों को अभियान के तहत पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए। उन्होने पोषण ट्रैकिंग एप, सैम किट वितरण, किशोरी बालिकाओं का योग प्रशिक्षण, एनआरसी से जुडे कर्मियों को नवीनतम रुप में प्रशिक्षित किए जाने के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्ण कांत राय ने बताया कि आगामी 24 मई को गोदभराई दिवस और 31 मई को वाश डे का आयोजन किया जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, सीएमओ डा आलोक पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी श्रवण कुमार राय, परियोजना निदेशक संजय पाण्डेय, सीडीपीओ दया रामपाल,सत्येन्द्र कुमार सिंह, सुषमा दूबे सहित अन्य बाल विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर आदि उपस्थित रहे।






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