*विषय विशेषज्ञो के पैनल द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं की तैयारियों के लिए दी जायेगी कोचिंग
प्रतियोगियों को मिलेगा इस योजना से लाभ
स्थानीय स्तर पर ही वे कर सकेगें अपनी तैयारी
तैयारियों को लेकर नही पडेगा भटकना
वार्ता के लिए पुनरीक्षण दर की भी है व्यवस्था
इस कोचिंग के लिए राजकीय इंटर कालेज स्थल के रुप में किया गया है चयनित
जहां प्रातः एवं सायंकालीन दो सत्रो में वार्ता सत्र होगा संचालित
जनपद स्तर पर डीएम ने गठित की है समिति
सफल क्रियान्वयन की सौपी है इस समिति को जिम्मेदारी
देवरिया 04 अप्रैल। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को जनपद स्तर पर भी क्रियान्वित किए जाने को लेकर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन के निर्देशानुसार मुख्य राजस्व अधिकारी अमृत लाल बिन्द ने विकास भवन के गांधी सभागार में बैठक की। इस दौरान आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
बैठक में प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी हेतु विषय विशेषज्ञो का पैनल गठित किये जाने, प्रशिक्षण सत्रो के सफल संचालन हेतु कोर्स कोआर्डिनेटर की दायित्व, अतिथि प्रवक्ताओं एवं जनपदीय अधिकारियों द्वारा कोचिंग में व्याख्यान/सलाह प्रदान किए जाने के संबंध में गहनतापूर्वक विचार विमर्श किया गया। इस योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे सिविल सेवा परीक्षा, पीसीएस, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस इत्यादि हेतु प्रतिभाषी तथा उत्साही विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग जनपद स्तर पर दिए जाने की व्यवस्था की गयी है। इस कोचिंग के संचालन हेतु स्थानीय राजकीय इंटर कालेज को चिन्हित किया गया, जहां प्रातः 8 से 10 बजे व सायं कालीन 4 से 6 बजे तक के सत्रो में कोचिंग संचालित होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के स्तर समय समय पर परिवर्तित होते हुए पाठ्यक्रम के अनुरुप विषय विशेषज्ञो के मार्गदर्शन में प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी हेतु युवाओं के मार्गदर्शन के औचित्य से संचालित इस योजना से प्रतिभावान युवा पूर्ण विश्वास व तैयारी के साथ एवं संसाधनों की परवाह न करते हुए इन प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले सकेगें।
बैठक में सभी कार्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करते हुए तत्कालिक रुप में इसका संचालन कराये जाने के निर्देश दिए गए एवं विषय विशेषज्ञो के पैनल को भी तैयार किए जाने के लिए निर्देश दिए गए। कहा गया कि इसमें जो भी संसाधन की आवश्यकता हो, उसे तत्कालिक रुप में सुनिश्चित कर लिया जाये एवं प्रतिभाशाली/प्रतियोगी छात्रो/छात्राओं को इस योजना का लाभ प्रदान करते हुए उनकी तैयारियों को पूर्ण कराने में अपनी भागीदारी निभायें।
व्याख्यान हेतु मानदेय किया गया है निर्धारित-
सेवारत सरकारी सेवको को प्रति सत्र रुपये 500, वर्ष में 30 दिन अथवा 60 सत्र जो भी कम हो, के लिए ही वार्ता हेतु आमंत्रित होगें। सेवानिवृत्त सरकारी सेवको को प्रति सत्र रुपए 1000 एवं वार्ता हेतु विशेषज्ञो तथा लब्ध प्रतिष्ठित व्यक्तियों को आमंत्रित करने पर मानदेय दिए जाने का दर निर्धारित किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, सेवानिवृत्त मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिवो को रुपए 4000 प्रति वार्ता, सेवा निवृत्त जनपद न्यायाधीश, सेवानिवृत्त सचिवों एवं सामान्य स्तर के अन्य सेवा निवृत्त अधिकारियों को रुपये 3000 प्रति वार्ता तथा सेवारत मुख्य सचिव व समक्ष वेतनमान के अन्य प्रमुख सचिवों को रुपये 2500, अन्य महत्वपूर्ण अतिथि वार्ताकारों को रुपये 2000 प्रति वार्ता प्रदान किया जाना निर्धारित है।
जिलाधिकारी ने इसके क्रियान्वयन हेतु गठित की है जनपद स्तरीय समिति-
इस महत्वकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 13 सदस्यी समिति गठित की गयी है, जिसमें पुलिस अधीक्षक, वन अधिकारी, डीआईओ एनआईसी, प्राचार्य संत विनोवा पीजी कालेज, प्राचार्य राजकीय पालिटेक्निक, जिला विद्यालय निरीक्षक, प्राचार्य डायट, प्रधानाचार्य जीआईसी सदस्य एवं जिला प्रशिक्षण अधिकारी कोर्स कोआर्डिनेटर, धर्मवीर सिंह नायब तहसीलदार अतिरिक्त कोर्स कोआर्डिनेटर, जिला समाज कल्याण अधिकारी सदस्य सचिव एवं मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
बैठक में एएसडीएम अरुण कुमार वर्मा, क्षेत्राधिकारी सदर श्रीयश त्रिपाठी, बीएसए सन्तोष राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी जैसवार लाल बहादुर, प्रधानाचार्य जीआईसी पीके शर्मा, नायब तहसीलदार धर्मवीर सिंह सहित अन्य अधिकारी आदि उपस्थित रहे।






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