देवरिया (सू0वि0) 22 जनवरी। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में जनपद के समस्त विकास खण्डों में निराश्रित / छुट्टा गोवंशों को पकड़ने का अभियान चलाया जायेगा। उक्त के क्रम मुख्य विकास अधिकारी द्वारा खण्ड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करते हुए नगर पालिका / नगर पंचायतों के कैटिल-कैचर लेकर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से निराश्रित / बेसहारा गोवंशों को संरक्षित करने हेतु निर्देशित किया गया। पकड़े गये गोवंशों को जनपद में संचालित विभिन्न गो आश्रय स्थलों यथा पिपरपांती रायपुर चकलास- बरहज कान्हा गो आश्रय गौरीबाजार, मझौलीराज, सलेमपुर रावतपार रघेन-लार, घांटी-भटनी, भेडापाकड़-भाटपाररानी इत्यादि में संरक्षित किया जायेगा यह अभियान विगत कई माह से नियमित रूप से चलाया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 3279 निराश्रित गोवंश संरक्षित किये जा चुके है।
इस अभियान के कारण सड़क पर घूम रहे छुट्टा गोवंशों की समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिल चुका है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कृषकों के खेत में भी निराश्रित गोवंश घूमते हुए कम दिखाई पड़ते है निराश्रित गोवंशों को गो आश्रय स्थलों में संरक्षित करने के उपरान्त विभिन्न विभागों यथा जिला पंचायत, नगर विकास, पंचायत विभाग, पशुपालन विभाग द्वारा उनकी देखभाल एवं चिकित्सा की जाती है। वर्तमान में ठण्ड की स्थिति को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिलास्तरीय अधिकारियों की एक टीम जनपद में संचालित सभी गो आश्रय स्थलों की जांच करने हेतु गठित की गयी है, जो विभिन्न गोआश्रय स्थलों में जाकर भूसा चारा, दाना-पानी की व्यवस्था एवं ठण्ड से बचाव की स्थिति यथा तिरपाल से ढ़कने, गोवंश के लिए काऊ कोट की व्यवस्था तथा गो आश्रय स्थलों में अलाव जलाने की स्थिति के बारे में अपनी रिपोर्ट 24 जनवरी को प्रस्तुत करेगी।






0 comments:
एक टिप्पणी भेजें