*कृषकों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचाएं योजनाओं का लाभ*
*रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाएं, प्राकृतिक खेती को दें बढ़ावा*
*एफपीओ को मजबूत बनाकर किसानों की आय बढ़ाने पर दें जोर : जिलाधिकारी*
देवरिया, 06 अगस्त। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि, भूमि संरक्षण, उद्यान, मत्स्य एवं अन्य संबद्ध (एलाइड) विभागों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाएं सीधे किसानों के हित से जुड़ी हैं, इसलिए सभी पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता, समयबद्धता एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने पर जोर देते हुए उन्हें आधुनिक कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण देकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने 10 अगस्त से 14 अगस्त तक एफपीओ के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक विकास खंड में कृषि क्लस्टर विकसित कर प्रत्येक क्लस्टर के लिए नोडल अधिकारी नामित करने तथा क्लस्टर आधारित फसल उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अंतर्गत क्लस्टरवार चयनित गांवों का विवरण उपलब्ध कराने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया।
जिलाधिकारी ने भूमि संरक्षण विभाग की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने जनपद में गठित 29 मत्स्य समितियों को अधिक सक्रिय बनाने तथा मत्स्य पालकों और मछुआरों को नाव, फिशिंग नेट, मोपेड सहित शासन की अनुमन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला मत्स्य अधिकारी को प्रत्येक तहसील के मत्स्य पट्टों का अद्यतन विवरण रखने तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि एवं संबद्ध विभागों की सभी योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक बिना किसी शिथिलता के पहुंचे।
आयोजित इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारियों उदय शंकर सिंह, मत्स्य अधिकारी, उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, एआरकोऑपरेटिव सहित कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ सहित अन्य जुड़े अधिकारी आदि उपस्थित रहे।








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