*गौआश्रय केंद्रों के समुचित संचालन एवं छुट्टा पशुओं के प्रभावी प्रबंधन के दिए निर्देश*
देवरिया 13 मई । जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कलेक्ट्रेट सभागार में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा गौआश्रय केंद्रों के समुचित संचालन के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पशुपालन विभाग से जुड़े सभी अधिकारी आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करें, जिससे योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से धरातल पर दिखाई दे। उन्होंने अंतर्विभागीय समन्वय पर विशेष जोर देते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल से ही योजनाओं का सफल क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने छुट्टा पशुओं का व्यापक आकलन किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी न्याय पंचायतों में कैटल कैचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि छुट्टा पशुओं की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी संचालित योजनाओं के प्रत्येक बिंदु का पूर्ण विवरण एवं अद्यतन आंकड़े तैयार रखें तथा पूरी तैयारी के साथ समीक्षा बैठकों में प्रतिभाग करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकासखंड में बड़े गौआश्रय केंद्र स्थापित किए जाने हेतु कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने राजस्व विभाग के तहसील स्तरीय अधिकारियों एवं उप पशु चिकित्सा अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए चारागाह की भूमि का चिन्हांकन कराने तथा वहां पशुओं के लिए चारा उत्पादन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने पशुओं में होने वाली बीमारियों के आंकड़े, ईयर टैगिंग एवं दुर्घटना से पशुओं की मृत्यु से संबंधित डाटा नियमित रूप से संधारित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पशुधन से संबंधित प्रत्येक जानकारी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहनी चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने नगर पंचायत क्षेत्रों में भी गौशालाओं की आवश्यकता पर बल देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने उप पशु चिकित्सा अधिकारियों एवं अधिशासी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।
पशुपालन विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि नई परियोजनाओं हेतु उपयुक्त भूमि का चिन्हांकन कर प्रस्ताव उपजिलाधिकारियों को उपलब्ध कराया जाए, जिससे आवश्यकतानुसार भूमि उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








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