Good Daily News...


बुधवार, 28 जनवरी 2026

लखनऊ उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव के दौरान लखनऊ में मतदान के दौरान हंगामा

 






 लखनऊ । उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव के दौरान लखनऊ में मतदान के दौरान हंगामा हुआ। कुछ अधिवक्ताओं ने मतपत्र बाहर देखने का आरोप लगाया। हंगामे के चलते मतदान रोक दिया गया और चुनाव रद्द कर दिया गया। अब नई तारीखें तय की जाएंगी। चुनाव सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो रहे हैं।


उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के उच्च न्यायालय परिसर में चल रहे मतदान के दौरान मंगलवार को जबरदस्त हंगामा हुआ। कुछ अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि मतपत्र बाहर देखे गए हैं। इसके विरोध में नारेबाजी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर करीब 4 बजे मतदान रोक दिया गया तथा बाद में लखनऊ का पूरा चुनाव रद्द करना पड़ा। बार काउंसिल के तीसरे चरण का मतदान लखनऊ, कानपुर और मेरठ मंडल समेत 18 जिलों में मंगलवार और बुधवार को होना तय था। लखनऊ में यह मतदान हाईकोर्ट परिसर में चल रहा था। इसमें अवध बार, सेंट्रल बार, लखनऊ बार समेत राजधानी की तमाम बार एसोसिएशनों के 25 हजार से अधिक अधिवक्ताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था।


सुबह मतदान प्रारम्भ होने के बाद से ही अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या के कारण सारी व्यवस्थाएं नाकाफी साबित होने लगीं। इस बीच दोपहर बाद मतदान केंद्र से बाहर कुछ मतपत्र देखे गए, जिससे कई अधिवक्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद ही मतदान केंद्र में भी हंगामा होने लगा, जिसके बाद करीब चार बजे मतदान रुक गया। बार काउंसिल के वर्तमान सदस्यों व प्रत्याशियों प्रशांत सिंह अटल तथा अखिलेश अवस्थी ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में हुआ मतदान रद्द कर दिया गया हैं। साथ ही 28 जनवरी को होने वाला मतदान भी टाल दिया गया है। अब लखनऊ में मतदान के लिए आगे की तिथि बाद में तय की जाएगी। उधर, चुनाव कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई हाई पॉवर इलेक्शन कमेटी के सदस्य सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एआर मसूदी ने वकीलों के बीच आकर कहा कि चुनाव मतदाताओं की भावनाओं के अनुरूप ही होंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी तथ्यों का संज्ञान ले लिया गया है। बार काउंसिल चुनाव के रिटर्निंग अफसर न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी तथा पर्यवेक्षक न्यामूर्ति सुरेंद्र सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि लखनऊ में चुनाव रद्द कर दिया गया है। मतदान की नई तारीखों की घोषणा हाईपावर कमेटी की मंजूरी के बाद की जाएगी। उल्लेखनीय है कि यूपी बार काउंसिल के चुनाव पांच साल में होते हैं। चुनावों में विलम्ब होने के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था जिसके बाद शीर्ष अदालत के आदेश पर हाई पॉवर इलेक्शन कमेटी की निगरानी में ये चुनाव कराए जा रहे हैं। चुनाव चार चरणों में हो रहा है। इसमें प्रदेश के 2,49, 808 अधिवक्ता हिस्सा ले रहे हैं। बाहर देखने का आरोप लगाया। हंगामे के चलते मतदान रोक दिया गया और चुनाव रद्द कर दिया गया। अब नई तारीखें तय की जाएंगी। चुनाव सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो रहे हैं।


उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के उच्च न्यायालय परिसर में चल रहे मतदान के दौरान मंगलवार को जबरदस्त हंगामा हुआ। कुछ अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि मतपत्र बाहर देखे गए हैं। इसके विरोध में नारेबाजी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर करीब 4 बजे मतदान रोक दिया गया तथा बाद में लखनऊ का पूरा चुनाव रद्द करना पड़ा। बार काउंसिल के तीसरे चरण का मतदान लखनऊ, कानपुर और मेरठ मंडल समेत 18 जिलों में मंगलवार और बुधवार को होना तय था। लखनऊ में यह मतदान हाईकोर्ट परिसर में चल रहा था। इसमें अवध बार, सेंट्रल बार, लखनऊ बार समेत राजधानी की तमाम बार एसोसिएशनों के 25 हजार से अधिक अधिवक्ताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था।


सुबह मतदान प्रारम्भ होने के बाद से ही अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या के कारण सारी व्यवस्थाएं नाकाफी साबित होने लगीं। इस बीच दोपहर बाद मतदान केंद्र से बाहर कुछ मतपत्र देखे गए, जिससे कई अधिवक्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद ही मतदान केंद्र में भी हंगामा होने लगा, जिसके बाद करीब चार बजे मतदान रुक गया। बार काउंसिल के वर्तमान सदस्यों व प्रत्याशियों प्रशांत सिंह अटल तथा अखिलेश अवस्थी ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में हुआ मतदान रद्द कर दिया गया हैं। साथ ही 28 जनवरी को होने वाला मतदान भी टाल दिया गया है। अब लखनऊ में मतदान के लिए आगे की तिथि बाद में तय की जाएगी। उधर, चुनाव कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई हाई पॉवर इलेक्शन कमेटी के सदस्य सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एआर मसूदी ने वकीलों के बीच आकर कहा कि चुनाव मतदाताओं की भावनाओं के अनुरूप ही होंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी तथ्यों का संज्ञान ले लिया गया है। बार काउंसिल चुनाव के रिटर्निंग अफसर न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी तथा पर्यवेक्षक न्यामूर्ति सुरेंद्र सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि लखनऊ में चुनाव रद्द कर दिया गया है। मतदान की नई तारीखों की घोषणा हाईपावर कमेटी की मंजूरी के बाद की जाएगी। उल्लेखनीय है कि यूपी बार काउंसिल के चुनाव पांच साल में होते हैं। चुनावों में विलम्ब होने के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था जिसके बाद शीर्ष अदालत के आदेश पर हाई पॉवर इलेक्शन कमेटी की निगरानी में ये चुनाव कराए जा रहे हैं। चुनाव चार चरणों में हो रहा है। इसमें प्रदेश के 2,49, 808 अधिवक्ता हिस्सा ले रहे हैं।

Share:

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Featured Post

भाजपा नेता को बदमाशों ने सरेआम मारी गोली गोरखपुर में RSS के कार्यक्रम से लौट रहे थे

  गोरखपुर। गोरखपुर में भाजपा नेता राधा मोहन सिंह को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी। गोली उनकी पीठ में लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। वारद...

Definition List

Business

Unordered List

Technology

Support

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit.

Our Company Inc. 1238 S . 123 St.Suite 25 Town City 3333 Phone: 123-456-789 Fax: 123-456-789