प्रयागराज । महाकुंभ-2025 में मध्य प्रदेश के इंदौर से आई माला बेचने वाली बंजारन मोनालिया अब फिल्मों में काम करेंगी। 'द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल' के डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने उसे अपनी अगली फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' में अहम रोल ऑफर किया है। जल्द ही मोनालिसा से मिलकर उसके साथ कांट्रैक्ट साइन होगा। दरअसल डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने मोनालिसा के पिता से फोन पर बात की है। फिलहाल मोनालिसा महाकुंभ नगर में नहीं हैं, इसलिए सनोज अब इंदौर स्थित मोनालिसा के गांव जाएंगे।
मनमोहक अदाओं और सुंदरता के कारण रातों रात वायरल हुईं मोनालिसा: मध्य प्रदेश की अल्हड़ बंजारन मोनालिसा के महाकुंभनगर में रुद्राक्ष की माला बेचने के कुछ वीडियोज वायरल हो गए। उसकी सोशल मीडिया में उसकी मासूम सुंदरता के चर्चे शुरू हो गए। कुछ ही दिनाें में उसकी किस्मत इस कदर चमकी कि सैकड़ों की संख्या में लोग उससे मिलने अखाड़ों की तरफ आने लगे। उसके साथ सेल्फी खिंचवाने लगे। अब उसकी पॉपुलारिटी का आलम यह है कि उसे महाकुंभनगर में छिपकर रहना पड़ रहा है। उसका सहजता से अखाड़ों की तरफ घूम-घूमकर माला बेचना दूभर हो गया। वह मास्क लगाने लगी, तब भी वह बड़ी भूरी और गहरी आंखों की वजह से पहचान ली जाती और मीडिया और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर उसके पीछे पड़ जा रहे थे। इस समय वह महाकुंभनगर में ही कहीं छिपकर रह रही है।
सनोज मिश्रा ने ट्वीट कर मोनालिसा को फिल्म ऑफर करने की दी थी जानकारी : बेहद संवेदनशील विषयों पर एक दर्जन से अधिक फिल्में बना चुके निर्माता-निर्देशक सनोज मिश्रा ने 19 जनवरी 2025 को मोनालिया को अपनी अगली फिल्म में रोल ऑफर करने को लेकर पहला ट्वीट किया था। इसके बाद मोनालिया की पॉपुलारिटी और बढ़ गई। एक इंटरव्यू में मोनालिसा से जब पूछा गया था कि क्या अगर उसे फिल्मों में काम करने का मौका मिले तो वह करना चाहेगी? इसपर उसने कहा था कि उसका बचपन से सपना था कि वह फिल्मों में काम करे। अगर मौका मिले तो जरूर काम करेगी।
रिटायर्ड आर्मी के जवान की बेटी का किरदार निभाएंगी मोनालिसा: फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने बताया कि 'द डायरी ऑफ मणिपुर' में मोनालिसा का जो रोल है, वह उसकी आम जिंदगी से मिलता जुलता है। मोनालिसा भी एक सामान्य निम्न वर्गीय परिवार से हैं. बंजारन हैं। अपने रोज की जरूरत को पूरा करने के लिए उसका परिवार घूम-घूम कर माला बेचता है. घुमंतू है। यह रोल मणिपुर के रहने वाले आर्मी से रिटायर्ड जवान की बेटी का है। उसकी बेटी आर्मी में जाना चाहती है। यह उसका सपना है। अपने सपने को पूरा करने के लिए उसे किस तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता है, क्या क्या संघर्ष करने पड़ते है और कैसे वह अपने सपने को पूरा कर पाती है, यह मोनालिसा के किरदार के माध्यम से सिल्वर स्क्रीन पर दिखाया जाएगा।
एक्टिंग का बेसिक सिखाने के लिए जल्द होगी ट्रेनिंग: सनोज मिश्रा का कहना है कि मोनालिसा ने कभी एक्टिंग का क नहीं सीखा है, इसलिए उसे बेसिक एक्टिंग के गुरु सिखाने उनकी टीम उसके घर जाएगी। उसे अपने स्टूडियो में बुलाएगी। हमारी कोशिश रहेगी कि जो उसकी अदाकारी है, वह उसके मूल स्वभाव यानी उसके अल्हड़पन और उसकी मासूमियत के साथ रहे। उसे ट्रेंड किया जाएगा. एक्टिंग के लिए उसके ग्रूमिंग की जाएगी। उसकी पर्सनैलिटी डेवलप हो यह हमारा प्रयास रहेगा। उसको इस तरह से तैयार किया जाएगा, ताकि उसे आगे और भी फिल्मों में रोल मिल सके और एक्टिंग में करियर बना सके।
एक्टिंग में पारंगत होना पड़ेगा: फिल्म निर्देशक सनोज मिश्र से जब यह पूछा गया कि एक फिल्म निर्देशक के रूप में आपने उसमें क्या देखा तो इस पर उनका कहना है कि आंखों से या किसी के सुंदर होने से फिल्म के अच्छा होने पर निर्भर नहीं करता है। आपको अगर फिल्म इंडस्ट्री में रहना है और अपनी छाप छोड़नी है तो एक्टिंग में पारंगत होना होगा। कलाकार के गुण मोनालिसा में पैदा किए जा सकते हैं, उसे सिखाया जा सकता है। उसके अंदर हमने देखा है कि कुछ कर गुजरने की ललक है। उसकी बातों से लगता है कि फिल्म में आकर कुछ बड़ा करे।
सबकुछ नंगापन और गंदापन ही नहीं, यह संदेश देना है उद्देश्य : सनोज मिश्रा का कहना है की फिल्म इंडस्ट्री में जो लोग यह मानते हैं कि सब कुछ नंगापन और गंदापन ही नहीं है। फिल्म इंडस्ट्री में अगर सनीलियोन जैसी पोर्न स्टार को लाकर एक आईकॉन बनाया जा सकता है तो वहां पर एक बंजारा समुदाय और गरीब लड़की को लेकर अगर देश के सामने लाता हूं तो एक अच्छा मैसेज जाएगा कि सबकुछ नंगापन और गंदापन नहीं है। आप बहुत शालीनता और सादगी से भी अपने आप को फिल्म इंडस्ट्री में उतारा जा सकता है।
मेरी फिल्म में सलमान-शाहरूख जैसा स्टार कास्ट नहीं: सनोज मिश्रा का कहना है कि नेपोटिज्म फिल्म इंडस्ट्री में हमेशा से रहा है, लेकिन इधर दर्शकों ने ऐसे लोगों की फिल्मों को नकारा है। नई कहानियां नहीं आ रही हैं. नए कलाकार नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोग उन्हीं लोगों के साथ काम करना चाहते हैं, जिनको वह अच्छे से जानते हैं, पहचानते हैं, जिनसे उनकी ट्यूनिंग है। नई फिल्म डायरेक्टर्स को वह एंटरटेन ही नहीं करते हैं। मेरा शुरू से ही प्रयास रहा है कि मैं अलग रास्ता चुनूं. अच्छी फिल्में करू़ं। नए कलाकारों को हमने हमेशा मौका दिया है। मोनालिसा को रोल देना भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है. मेरी फिल्मों ने सलमान-शाहरूख जैसे स्टार कास्ट नहीं होते हैं, मेरी फिल्म की कहानी स्टार कास्ट होती है।
'द डायरी ऑफ मणिपुर' में मोनालिसा को मौका: बताते हैं कि मेरी नई फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर की कहानी स्टार कास्ट है। इसमें किरदार निभाने वाले कलाकार बड़े बनते हैं। मेरा ये मानना है कि प्रतिभा जरूरी नहीं है कि बड़े घरानों तक सीमित है। मैंने हमेशा इसको प्रूव किया है। मोनालिसा का परिवार अगर सपोर्ट करेगा तो इसे मैं एकबार फिर साबित करूंगा कि कोई भी साधारण लड़की कुछ भी कर सकती है. यह मोनालिसा जैसी लाखों–करोड़ों लड़कियों के लिए एक प्रेरणादायक कहानी होगी।
महाकुंभ केवल मोनालिसा के लिए नहीं आया: सनोज मिश्रा का कहना है कि मेरे लिए मोनालिसा महाकुंभ में आने का कारण नहीं है। महाकुंभ में मेरा आने का पहले से प्रोग्राम तय था। हां, अगर उसके परिवार से मुलाकात होती है तो मैं यह जरूर चाहूंगा कि फिल्म में जो किरदार मैंने उसके लिए चुना है, उसे वह करने पर राजी हो जाए। अगर उससे संपर्क हो पाता है तो ठीक है नहीं तो उसके घर जाऊंगा। इंदौर में हमारी टीम के लोग उसके संपर्क में हैं। सनोज आगे कहते हैं कि मोनालिसा जैसी लड़कियां बहुत सारी आई हैं, चाहे वह रानू मंडल हों, चाहे वह आंख मारने वाली लड़की हो, लेकिन यह सब समय के साथ-साथ गायब हो जाती हैं। मोनालिसा को भी लोग महाकुंभ के बाद भूल जाएंगे, लेकिन मेरा प्रयास होगा कि मोनालिसा के साथ ऐसा ना हो। चाहे मैं दो साल बाद भी फिल्म लेकर आऊं तो भी उसे प्रॉपर तरीके से ट्रेंड करने के बाद ही इस इंडस्ट्री में उतारूं।
5 फरवरी से लंदन में शुरू होगी फिल्म की शूटिंग : सनोज मिश्रा ने बताया कि 'द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल' के शूट खत्म होने के बाद ही 'द डायरी ऑफ मणिपुर' ऑन बोर्ड आ गई थी। 5 फरवरी 2025 से लंदन में इसका पहला शूट होगा। वहां 5 दिन का ही शूट है. इसके बाद 10 –12 दिन का दिल्ली में शूट होगा। इसके बाद दो से तीन महीने का गैप होगा। इन दो से तीन महीनों में मोनालिसा को ट्रेनिंग दी जाएगी। उसके बाद उसके साथ शूट किया जाएगा।
पिता को नहीं हुआ विश्वास, बेटी को मिल रहा फिल्मों में मौका: बताते हैं कि मोनालिसा के पिता से बात हुई तो उन्हें विस्वास ही नहीं हुआ कि उनकी बेटी को फिल्म ऑफर हुई है। बताया कि उनकी टीम के लोगों ने महाकुंभ में रह रहे मोनालिसा के पिता से बात कराई तो उन्हें भरोसा ही नहीं हुआ। पहले तो इसे बहुत हल्के में लिया। सोचा कि कोई मजाक कर रहा है, लेकिन जब हमारी टीम से ने समझाया तो वह गंभीर हुए। पिता का कहना है कि उनकी बेटी फिल्मों में काम करे यह उनके ही नहीं, पूरे बंजारा समुदाय के लिए गर्व की बात होगी।







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