अयोध्या।
मां सरयू के तट पर स्थित हनुमान मंदिर परिसर में विश्व कल्याण के निमित्त रुद्राभिषेक व हवन पूजन के साथ भंडारा आयोजित किया गया। यह आयोजन देर रात तक चलता रहा। उसके बाद नमामि सेवा संस्थान के अध्यक्ष राजा महाराज के सानिध्य में मां सरयू का पूजन व संध्या आरती सभी भक्तों द्वारा की गई। इस धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान घुरेहटा निवासी यूको बैंक के मैनेजर अशोक दूबे व उनकी धर्मपत्नी कृष्णावती दूबे तथा पुरोहित प्रतापगढ़ निवासी पंडित दुर्गा प्रसाद रहे।
कार्यक्रम में भागीदारी निभा रहे भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं अयोध्या जिलाध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार बलराम तिवारी ने बताया कि परम पूज्य गुरुदेव भगवान की कृपा से पिछले पंद्रह वर्षों से प्रत्येक चतुर्दशी उपरांत पूर्णिमा को रुद्राभिषेक एवं हवन तथा भंडारे का आयोजन हो रहा है। विश्व कल्याण के लिए रूद्राभिषेक और भण्डारा अनवरत जारी है। उन्होंने बताया कि इसके पहले कई बार बद्रीनाथ, अमरकंटक, विंध्याचल, पांडुकेश्वर, उत्तरकाशी के साथ विभिन्न तीर्थ स्थलों पर यह आयोजन हो चुके हैं। गुरुदेव भगवान के शिष्यों के घर पर भी ऐसे धार्मिक अनुष्ठान चलते रहते हैं। जून महीने का अनुष्ठान विन्ध्यपर्वत पर मोती तालाब के निकट गुरुदेव भगवान की तपस्थली सिद्ध पीठ हनुमान मंदिर पर हुआ था। इस बार मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि श्री अयोध्या धाम में यह आयोजन किया गया। इस अनुष्ठान में काफी महिला, पुरुष, बच्चे व बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की भावना के साथ हवन में आहुति दी। संध्या बेला में सभी भक्तों ने नमामि सेवा संस्थान द्वारा आयोजित मां सरयू का पूजन व संध्या आरती की।
इस मौके पर गुरुदेव भगवान के प्रथम शिष्य अमेठी निवासी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि गुरुदेव भगवान ने मध्यप्रदेश के अमरकंटक से उत्तराखंड के उत्तरकाशी में साधना के लिए जाते उनके घर पर अखण्ड दीप प्रज्ज्वलित किया था। जो अनवरत प्रकाशमान रहकर भक्तों को निरंतर ज्ञान एवं आस्था का प्रस्फुटन कर रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में संतोष परिहार, गुड्डू परिहार, पवन तिवारी, जय नारायण शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार पवन पाण्डेय, ओमप्रकाश तिवारी, सुरेंद्र सिंह, मदन चंद्र ओझा, हरि सिंह, रामसुख वर्मा, रामकृपाल यादव, डॉक्टर घायल, श्याम नारायण, राकेश तिवारी, अजय यादव, वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रकाश मिश्र, सुभाष यादव, विपिन तिवारी, हनुमान मंदिर के महंत राजेन्द्र दास आदि सैकड़ों लोगों ने हवन-पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया। देर रात तक सरयू तट पर भोजन प्रसाद का वितरण होता रहा। इसके पहले सभी श्रद्धालुओं ने धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, विश्व का कल्याण हो की भावना के साथ मां सरयू का पूजन एवं आरती कर भगवान से विश्व कल्याण की प्रार्थना की।






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