अयोध्या। रामनगरी आने वाले श्रद्धालुओं पर अब महंगाई की मार है। भोजन की थाली से लेकर खाद्य सामग्री तक महंगी दर पर बिक रही है।
अयोध्या धाम में मंदिर निर्माण के साथ बाहरी यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अब यात्री महंगाई की मार भी सहन कर रहे हैं। बीते कुछ महीनों में चौड़ीकरण के चलते होटल एवं अस्थाई खाने पीने की दुकानें अस्त-व्यस्त हो गई । नया घाट क्षेत्र में कुछ खाने के होटल चल रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग खाना खाते हैं। इन होटलों में पहले सामान्य खाने की थाली 60 रूपये में उपलब्ध होती थी। अब वही बढ़कर 80 रुपये, तो कहीं 90 रूपये तक जा पहुंची है।
अच्छे गुणवत्ता वाले खाने का रेट 100, 120, 160 और 220 रुपये तक यात्रियों को देने पड़ रहे हैं। खाने के सामग्री की गुणवत्ता पहले जैसे ही है, परंतु उनके रेट जरूर बढ़ा दिये गये, जो यात्रियों के लिए भारी पड़ रहे हैं। होटल संचालकों का कहना है कि महंगाई काफी बढ़ गई और ऐसे में थाली का दाम बढ़ाना जरूरी हो गया था।
दूसरी तरफ कई स्थानों पर समोसे के दाम भी बढ़ गए हैं। जो समोसे पहले 7 रूपसे में मिलते थे, वह 10 हुए और अब फिर कहीं-कहीं 12 रूपये लिए जा रहे हैं। अधिकांश खाने पीने की सामग्रियों के दामों में इजाफा देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि एक तरफ दुकानों की संख्या कम हो गई है, जिससे संचालक भी मनमाफिक रेट निर्धारित कर रहे हैं। दुकान और मार्ग टूट जाने का प्रभाव यात्रियों पर महंगे थाली के रूप में देखने को मिल रही है। हनुमानगढ़ी चौराहे के पास जो बैटरी चालक, पहले नयाघाट के लिए 10 रूपये किराया वसूलते थे, अब उन्होंने बढाकर 20 कर दिया है। इससे यात्रियों की जेब में ढीली हो रही । कहीं-कहीं तो उड़ रही धूल के बीच खाद्य सामग्रियों की बिक्री बिना किसी रोक-टोक के जारी है। एक तरफ बढ़ी कीमत तो दूसरी तरफ प्रदूषित सामग्री लेने को यात्री मजबूर हैं।
सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे सामान्य लोगों का बजट गड़बड़ हो गया है। टमाटर 40 रूपये प्रति किलो था, अब 80 रूपये प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है। खीरा 30 रूपये के स्थान पर 60 रूपये प्रति किलो है। कम दाम की मूल्य वाली सब्जियां नहीं दूसरी तरफ कई स्थानों पर समोसे के दाम हैं। राशन की बात करें तो आटा, चावल और भी बढ़ गए हैं। जो समोसे पहले 7 रूपसे में दाल की कीमतों में इजाफा हुआ है।







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