देवरिया, 25 अगस्त। मा0 कैबिनेट मन्त्री महिला एंव बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, उ0प्र0 शासन, श्रीमती बेबी रानी मौर्या जी की अध्यक्षता में आज पूर्वान्ह 11ः00 बजे से अपरान्ह 01ः00 बजे तक एन0आई0सी0 एवं वेब लिंक के माध्यम से पोषण पाठशाला का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों द्वारा बच्चों हेतु आवश्यक पोषक तत्वों, उपरी आहार, वृद्धि निगारानी आदि के बारे में विस्तृत चर्चा की गयी। पोषण पाठशाला में सचिव, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, उ0प्र0 शासन, निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, उ0प्र0 लखनऊ उपस्थित थे।
उक्त वेबकास्ट को समस्त आंगनबाडी कार्यकत्रियों द्वारा वेबलिंक के माध्यम से अपने आंगनबाडी केन्द्रों पर लाभार्थी के साथ देखा गया एवं जानकारी प्राप्त की गयी। उक्त पाठशाला में ख्याति प्राप्त चिकित्सकों एवं पोषण विशेषज्ञों द्वारा ‘‘सही समय पर उपरी आहार की शुरूआत‘‘ के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गयी। विशेषज्ञों द्वारा अवगत कराया गया कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास हेतु दो प्रकार के पोषण समूहों की आवश्यकता होती है। एक प्रकार के पोषक समूह में कैल्शियम लौह तत्व जैसे महत्वपूर्ण खनिज हैं जबकि दूसरे प्रकार में वसा, प्रोटीन, सोडियम, मैग्निशियम एवं जिंक जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व हैं। शरीर के सामान्य विकास हेतु समूह 02 के पोषक तत्वों का भोजन में प्रत्येक दिन समावेश होना चाहिये। शरीर में इनकी दैनिक आपूर्ति न होने से शरीर का विकास अवरूद्ध हो जाता है एवं लम्बे समय तक कमी होने पर बच्चे कुपोषण का शिकार हो जाते हैं।
बच्चे के 06 माह पूर्ण होने के उपरान्त मां का दूध सम्पूर्ण पोषण उपलब्ध नही करा पाता है। ऐसी स्थिति में उपरी आहार की शुरूआत 06 माह के उपरान्त कर दी जानी चाहिये। उपरी आहार देते समय यह विशेष ध्यान दिया जाय कि 06 माह बाद गीला गाढ़ा आहार देना है जिससे बच्चों का विकास तीव्र गति से होता है। बच्चों को 06 माह से 01 वर्ष के मध्य गूर्दे का समुचित विकास न होने के कारण नमक नही देना चाहिये। तथा 02 वर्ष तक मीठा नही दिया जाना चाहिये। बच्चों को उपरी आहार बदल बदल कर दिया जाय जिससे की सम्पूर्ण पोषण प्राप्त हो सके।
जनपद स्तर पर एन0आई0सी0 देवरिया में विभाग से अवधेश कुमार सिंह, अपर सांख्यकीय अधिकारी, गोपाल सिंह, सी0डी0पी0ओ0 विश्वदीपक पाण्डेय, सी0डी0पी0ओ0 व मुख्य सेविकायें तथा लाभार्थी उपस्थित थे।






0 comments:
एक टिप्पणी भेजें