75 पैरामीटर्स पर होगा विकास कार्य
मॉडल ब्लॉक के रूप में किया जाएगा विकसित
देवरिया 21 जुलाई। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने देर सायं कलेक्ट्रेट स्थित कार्य कक्ष में प्रदेश सरकार द्वारा आकांक्षात्मक विकास खंड के रूप में चयनित गौरीबाजार ब्लॉक के विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खंड के समस्त 75 पैरामीटर्स पर कार्य कर गौरीबाजार को मॉडल विकासखंड के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार ने जनपद के गौरीबाजार विकासखंड का चयन प्रदेश के 100 आकांक्षात्मक विकास खंड के रूप में किया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य, कुपोषण, जल संसाधन, शिक्षा, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन, कृषि, आधारभूत अवसंरचना सहित कई ऐसे मानक हैं जिन पर व्यापक स्तर पर काम किये जाने की आवश्यकता है। गौरीबाजार विकास खंड में 5 वर्ष से कम आयु के 5293 बच्चे अंडरवेट चिन्हित किये गए हैं। सैम बच्चों की संख्या 530 है तथा मैम बच्चों की संख्या 2794 है। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को विकास खंड में पोषण स्तर सुधारने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।
डीएम ने विकास खंड में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा। विकास खंड में 36 प्रतिशत प्रसव ही संस्थागत अस्पतालों में हो रहे हैं। आयुष्मान गोल्डन कार्ड के कुल 3601 परिवारों को चिन्हित किया गया है, जबकि वर्तमान में महज 101 परिवार ऐसे हैं, जिनमें कम से कम एक सदस्य के पास आयुष्मान कार्ड उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, कौशल विकास सहित विभिन्न पैरामीटर्स पर व्यापक कार्य किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने समस्त अधिकारियों को शासन की नीति के अनुरूप गौरीबाजार ब्लॉक के विकास कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया। कहा कि ये कार्य शासन की शीर्ष प्राथमिकता का विषय है। इसमें किसी भी तरह की कोताही न बरतें। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई तय है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, प्रभारी सीएमओ डॉ सुरेंद्र सिंह, बीएसए हरिश्चंद्र नाथ, डीसीमनरेगा बीएस राय, एलडीएम अरुणेश कुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम अखिल आनंद, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य शोभनाथ सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।






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