उर्वरकों का वितरण शतप्रतिशत पी०ओ०एस० मशीन के माध्यम से कराने का दिया निर्देश
न्याय पंचायत के अन्तर्गत स्थापित निजी/ सहकारी क्षेत्र के प्रत्येक उर्वरक बिक्री केन्द्रों का प्रतिदिन करे जांच
अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री किये जाने पर निहित प्राविधानानुसार होगी कठोर कार्यवाही
देवरिया (सू0वि0) 31 दिसम्बर।
जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने बताया कि जनपद में उर्वरकों का बिक्री शत प्रतिशत पीओएस मशीन के माध्यम से की जाएगी। उर्वरक विक्रय केंद्रों की सतत निगरानी की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा कृषकों को उर्वरकों की बिक्री वास्तविक आवश्यकता के अनुसार उनकी जोत/कृषि भूमि के आधार पर ही नियमित रूप से फसल की संस्तुतियों के अनुरूप उर्वरकों का वितरण शतप्रतिशत पी०ओ०एस० मशीन के माध्यम से कराने तथा यूरिया उर्वरक के साथ किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग रोकने, ओवर रेटिंग, कालाबाजारी व तस्करी की सतत निगरानी किए जाने सम्बन्धित निर्देश प्राप्त हुए है। जनपद में कृषकों द्वारा रबी फसलों की बुवाई/रोपाई का कार्य पूर्ण किए जाने के उपरान्त खड़ी फसल में यूरिया उर्वरक की आवश्यकतानुसार टॉप ड्रेसिंग का कार्य किया जा रहा है। जिसके कारण वर्तमान में यूरिया उर्वरक की मांग में वृद्धि हुयी है। कृषकों को निर्धारित दरों पर उनकी जोत वही के अनुसार संस्तुत मात्रा में गुणवत्तायुक्त यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराना एवं जमाखोरी/कालाबाजारी/निर्धारित दर से अधिक दरों पर बिक्री यूरिया के साथ अन्य उर्वरको/उत्पादों की टैगिंग पर अंकुश लगाना शासन की प्राथमिकता है, जिसके लिए कार्यवाही सुनिश्चित किया लाना आवश्यक है।
जनपद स्तरीय समिति द्वारा जनपद में प्राप्त होने वाली उर्वरक की क्षेत्रीय कृषकों की वास्तविक मांग यो अनुरूप निजी एवं सहकारी क्षेत्र के उर्वरक केन्द्रों हेतु आवंटन किया जाय, जिससे जनपद के समस्त क्षेत्रों में मांग को अनुरूप सुगमतापूर्वक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो तथा समिति की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित किया जाय। समस्त उर्वरक की केन्द्रों पर अनिवार्य रूप से पी०ओएस० मशीन के माध्यम से ही परको की निकी सुनिश्चित करायी जाय तथा पी०ओ०एस० में प्रदर्शित स्टाक का निकी केन्द्र में भौतिक रूप से उपलब्ध स्टाक से सत्यापन कराया जाय। वर्तमान में प्रयोग होने वाली मुख्य उर्वरक यूरिया की बिक्री कृषकों को निर्धारित मूल्य पर अनिवार्य रूप से करायी जाए। यदि कोई उर्वरकों अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री करता पाया जाए तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में निहित प्राविधानानुसार कठोर कार्यवाही की जाए। उर्वरक विक्रेताओं के द्वारा यूरिया उर्वरक के साथ जबरन किसी भी प्रकार के अन्य उर्वरक/उत्पाद की टेगिंग करके बिक्री न की जाय। ऐसे उर्वरक विनिर्माता/प्रदायकर्ता संस्थाओं पर भी सतर्क दृष्टि रखी जाये, जिनके द्वारा किसी थोक उर्वरक विक्रेता को प्रमुख उर्वरक यूरिया की आपूर्ति दिये जाने हेतु कम प्रचलित उर्वरक/उत्पाद भी क्रय करने हेतु बाध्य किया जाता है। बाध्यता की पुष्टि होने पर उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाय।
कृषकों को उनकी जोत/कृषित भूमि के आधार पर ही नियंत्रित तरीके से फसल की संस्तुतियों के अनुरूप वितरण/बिक्री हो जिससे समस्त कृषको की मांग को पूरा किया जा सके। फुटकर के साथ साथ थोक उर्वरक विक्रेताओं एवं कर स्टाकिस्टों के स्टाक का भी सघन निरीक्षण किया जाय। यह अवश्य देखा जाय कि कही थोक विक्रेता अपने पास उर्वरक का अनावश्यक भण्डार स्थानीय स्तर पर कर कृत्रिम अभाव की स्थिति न उत्पन्न कर रहे हो। यदि ऐसी स्थिति पायी जाती है तो स्टाक को कृषकों में बिक्री के लिए अवमुक्त किया जाय एवं सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही भी की जाय।
जिलाधिकारी ने उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन एवं उर्वरक बिक्री केन्द्रों की सत निगरानी हेतु कृषि एवं राजस्व विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है एवं उनको निर्देशित किया है अपने न्याय पंचायत के अन्तर्गत स्थापित निजी/ सहकारी क्षेत्र के प्रत्येक उर्वरक बिक्री केन्द्रों का प्रतिदिन उक्तानुसार जाँच करे तथा किसी भी प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त होती है तो उसे अपने नोडल अधिकारी को तत्काल अवगत कराना सुनिश्चित करे। इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। उन्होने उपरोक्त निर्देशों का उल्लंघन/अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाये जाने वाले असामाजिक तत्वों अथवा उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में निहित कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाय।






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