महिला सशक्तिकरण, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ आदि का नारा देने वाली भारतीय जनता पार्टी मैं अपनी ही पार्टी के पदाधिकारियों की सुनवाई नहीं हो रही। भाजपा की तानाशाही दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है, यह अब इतना विकराल रूप ले चुकी है कि धीरे-धीरे अपने ही कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का कारण बनती जा रही है। ताजा मामला जौनपुर जनपद के बदलापुर का है जहां पर भारतीय जनता पार्टी प्रदेश महिला मोर्चा की सदस्य सरिता तिवारी को न्याय के लिए तख्ती लेकर बदलापुर चौराहे पर बैठना पड़ा। हैरानी की बात यह है की चिलचिलाती धूप में बीच चौराहे पर हाथ में तख्ती लिए अकेली बैठी इस महिला पदाधिकारी की सुध लेने ना ही भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता गया और ना ही कार्यकर्ता। बता दें कि प्रत्येक चुनावों के समय में प्रत्याशियों को जिताने के लिए सरिता तिवारी ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। पार्टी के नेता व कार्यकर्ता सरिता तिवारी से इतने प्रभावित थे कि उन्हें लक्ष्मीबाई नाम दिया गया था किंतु वर्तमान में पार्टी को अपनी इस तेजतर्रार महिला नेता की जरा भी फिक्र नहीं है। बदलापुर चौराहे पर अकेली बैठी यह तेजतर्रार भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश महिला मोर्चा सदस्य ना सिर्फ बीजेपी के महिला सुरक्षा महिला शिक्षा, बेटी बढ़ाओ बेटी पढ़ाओ एवं महिला सशक्तिकरण का पोल खोल रही है बल्कि चीख चीख कर यह बताने की कोशिश कर रही है की भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ताओं की कितनी इज्जत होती है। चुनावों के वक्त किस प्रकार से पार्टी द्वारा कार्यकर्ताओं का दोहन, शोषण और इस्तेमाल किया जाता है। वहीं चुनाव बीतने के बाद दूध में गिरी मक्खी की भांति निकाल कर बाहर फेंक दिया जाता है। हमारी टीम सरिता तिवारी से लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रही है, जैसे ही उनसे संपर्क होगा आप सभी को उनकी मांग एवं संपूर्ण प्रकरण से अवगत करा दिया जाएगा
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