रुद्रपुर (देवरिया)। तहसील क्षेत्र में कृषि भूमि से संबंधित विक्रय विलेखों के ऑनलाइन पंजीकरण में आ रही तकनीकी खामियों के विरोध में अधिवक्ताओं ने बार संघ अध्यक्ष सत्यानन्द पाण्डेय के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने वर्तमान व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए पूर्व प्रणाली बहाल करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि नई ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते बैनामे और पंजीकरण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे क्रेता-विक्रेता, अधिवक्ता एवं आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील परिसर में पक्षकार जरूरी दस्तावेज व धनराशि लेकर भटक रहे हैं, जबकि उनकी सुरक्षा की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में किसी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी तय करना भी कठिन होगा। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग द्वारा जारी खतौनियों में व्यापक त्रुटियां हैं, जिन्हें ठीक किए बिना ऑनलाइन प्रणाली लागू करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि निबंधन व राजस्व विभाग के सॉफ्टवेयर को जोड़ने की योजना बिना स्थानीय स्तर पर सुझाव लिए लागू की जा रही है, जिससे समस्याएं और बढ़ रही हैं। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि वर्तमान व्यवस्था जारी रही तो न केवल सरकारी राजस्व प्रभावित होगा, बल्कि आम जनता को भी अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। अधिवक्ताओं ने मांग की कि जब तक तकनीकी खामियां दूर नहीं होतीं, तब तक पूर्व पंजीकरण व्यवस्था बहाल की जाए। इस दौरान महामंत्री विनोद कुमार पाठक, नागेंद्र राव, फणीन्द्र नाथ पाण्डेय, अशफाक, अनिल यादव, गोपी यादव, विश्वविजय कुमार मल्ल, अक्षय, कृष्णमूर्ति त्रिपाठी, विकास दुबे, मुकेश कन्नौजिया सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।







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