प्रमोशन भी मिलेगा , सीनियरटी भी मिलेगी ,और अब कभी भी आगे आने बाले नियम पुराने शिक्षकों पर लागू नहीं हुआ करेगे
शिक्षकों में खुशी का माहोल,घर परिवार में खुशियों कि माहोल.
इस संशोधन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पुराने शिक्षकों को पूरी तरह राहत दी गई है। जो शिक्षक पहले से नियुक्त हैं, खासकर जब RTE लागू भी नहीं हुआ था, उन पर अब नई योग्यता जैसे TET लागू नहीं होगी। इसका सीधा मतलब है कि उनकी नौकरी, प्रमोशन, सीनियरिटी और पेंशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी पुराने शिक्षकों की सर्विस पूरी तरह सुरक्षित कर दी गई है।
दूसरी बात, जो नई भर्तियाँ होंगी उन्हीं पर TET या अन्य योग्यता लागू होगी। यह नियम आगे से लागू होगा, पीछे से नहीं। पहले जो डर था कि TET पास न करने पर नौकरी पर खतरा आ सकता है, उसे अब खत्म कर दिया गया है। अब सिर्फ TET न होने के कारण किसी पुराने शिक्षक को न सजा दी जा सकती है, न प्रमोशन रोका जा सकता है और न ही रिटायरमेंट पर कोई असर पड़ेगा।
सरकार की भूमिका भी इसमें साफ कर दी गई है। सरकार अब शिक्षकों को बेहतर बनाने के लिए ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट कराएगी, लेकिन उसे नौकरी से नहीं जोड़ेगी। यानी सीखने का मौका मिलेगा, लेकिन दबाव या सजा वाला सिस्टम नहीं रहेगा। साथ ही नया Section 23A जोड़कर यह भी तय कर दिया गया है कि पुराने शिक्षकों की सेवा शर्तों में कोई बदलाव नहीं होगा और नई योग्यता पीछे से लागू नहीं की जाएगी।
इसके अलावा सरकार को यह अधिकार भी दिया गया है कि अगर कहीं कोई दिक्कत आती है तो वह सीधे हस्तक्षेप करके पुराने शिक्षकों को नुकसान होने से बचा सके। दरअसल, पहले कोर्ट के फैसलों के बाद पुराने शिक्षकों पर भी TET लागू होने लगा था, जिससे काफी डर और असंतोष था, खासकर उन शिक्षकों में जिनकी उम्र ज्यादा हो चुकी है।
अभी की स्थिति भी समझ लीजिए: यह बिल फिलहाल राज्यसभा से पास हो चुका है। अब अगला कदम यह होगा कि इसे लोकसभा से पास कराया जाएगा। दोनों सदनों से पास होने के बाद यह राष्ट्रपति के पास जाएगा, और उनकी मंजूरी मिलने के बाद यह पूरी तरह कानून बन जाएगा।







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