देवरिया, 10 अप्रैल। भीषण गर्मी एवं संभावित लू (हीट वेव) के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि हीट वेव एवं अग्निकांड की घटनाओं से जनहानि को रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध एवं प्रभावी कार्ययोजना लागू करें।
उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में जनपद, तहसील, विकास खंड एवं नगर निकाय स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए जिम्मेदारियां तय की हैं। जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), स्वास्थ्य विभाग के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी, तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी, विकास खंड स्तर पर खंड विकास अधिकारी तथा नगर निकाय स्तर पर अधिशासी अधिकारियों को नोडल बनाया गया है।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि जिला अस्पताल एवं सीएचसी/पीएचसी में हीट वेव मरीजों के लिए बेड आरक्षित रखें, ओआरएस एवं दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करें, 108/102 एम्बुलेंस सेवाएं सक्रिय रखें तथा सभी स्वास्थ्य इकाइयों को 24×7 क्रियाशील रखा जाए। साथ ही रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर “क्या करें, क्या न करें” का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए।
पशुपालन विभाग को मवेशियों के लिए हीट वेव एक्शन प्लान लागू करने, पानी व चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं पशुपालकों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों, सब्जी मंडियों एवं चौराहों पर पेयजल, प्याऊ एवं कूलिंग सेंटर स्थापित करने तथा जलापूर्ति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पंचायतीराज विभाग को पंचायत भवनों को कूलिंग शेल्टर बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं हैंडपंपों को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में पेयजल, छाया, पंखे, ओआरएस एवं प्राथमिक चिकित्सा किट की व्यवस्था, स्कूल समय में परिवर्तन तथा छात्रों को लू से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगाने एवं मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
परिवहन विभाग को बस स्टैंडों पर यात्रियों के लिए छाया, पेयजल एवं प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सूचना विभाग को टीवी, रेडियो एवं सोशल मीडिया के माध्यम से हीट वेव से बचाव संबंधी एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है।
ग्राम्य विकास एवं मनरेगा विभाग को श्रमिकों के कार्य समय में परिवर्तन करने, कार्यस्थलों पर छाया, पेयजल एवं अस्थायी शेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अग्निशमन विभाग को सभी उपकेंद्र 24×7 सक्रिय रखने, संसाधनों को अद्यतन करने तथा फायर सेफ्टी ऑडिट एवं मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्युत विभाग को जर्जर तारों एवं खंभों की मरम्मत, निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा अस्पतालों में प्राथमिकता सुनिश्चित करने को कहा गया है। श्रम विभाग को श्रमिकों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण, पेयजल, ओआरएस एवं प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि विभाग को किसानों को हीट वेव से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी करने, फसल सुरक्षा हेतु मौसम आधारित सलाह देने तथा संभावित नुकसान का आकलन कर राहत प्रक्रिया में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। जल निगम को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति निर्बाध रखने तथा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
वन विभाग को हरियाली बढ़ाने, वन अग्नि की रोकथाम तथा वन्यजीवों के लिए पानी व छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यटन विभाग को पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी करने एवं धार्मिक स्थलों पर पेयजल व आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जनजागरूकता, ओआरएस एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं राजस्व विभाग को हीट वेव से प्रभावित व्यक्तियों का सर्वे, रिपोर्टिंग एवं प्रभावित परिवारों को राहत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपनी-अपनी कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा उसकी प्रति आपदा कार्यालय को उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लू से बचाव हेतु जनजागरूकता ही सबसे प्रभावी उपाय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







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