- ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण के लिए चिकित्सको, स्टॉफ नर्स और एएनम को दिया गया प्रशिक्षण
देवरिया, 7 मार्च, 2026। सीएमओ कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी( सीएमओ) डॉ अनिल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में चिकित्साको, स्टॉफ नर्स और एएनएम को गर्भावस्था में उच्च जोखिम ( हाई रिस्क) अवस्था के समय समुचित प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच और गर्भावस्था दौरान हाई रिस्क गर्भवती को समय से चिन्हित कर समुचित प्रबंधन की जानकारी दी गईं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर रोकना और उन्हें समय से सुरक्षित प्रसव कराना है। कुशल प्रसव सहायक की मौजूदगी में मातृ मृत्यु दर में कमी आती है और प्रसव संबंधी किसी दिक्कत के समय महिला के घर के नजदीक जरूरी प्रसव सेवाओं का पैकेज उपलब्ध होने से भी मातृ मृत्यु दर में कमी आती है। कुशल प्रसव सहायक वह होता है जो प्रसव संबंधी दिक्कतों को संभाल सके।
दिल्ली आईसीएमआर से आए प्रशिक्षक डॉ संदीप ने कहा कि सबसे पहले यह समझना चाहिए कि हर गर्भवती महिला जोखिम में है। गर्भवती की सभी जांचें सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रसूति पीड़ा के दौरान महिला और उसके परिवार को साफ और सुरक्षित प्रसव के लिए प्रेरित करें।
महिला चिकित्सालय की चिकित्सक डॉ सुमन ने कहा कि प्रत्येक जन्म के समय कुशल सहायक की उपस्थिति सुनिश्चित करें। प्रसूति पीड़ा के दौरान महिला को उस स्थिति में रखे, जो उसे ठीक लगे और आरामदायक हो। प्रसव पीड़ा के तीसरे चरण का प्रबंधन सुनिश्चित करें ताकि प्रसव के उपरांत रक्तस्राव को बचाया जा सके।
प्रशिक्षण में डिप्टी डॉ अश्वनी पाण्डेय, डिप्टी सीएमओ डॉ वाईपी यादव, जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल सहित चिकित्सक, स्टॉफ नर्स, एएनएम मौजूद रहीं।








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