देवरिया! उप कृषि निदेशक ने बताया है कि कृषि क्षेत्र में उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि लाने के लिए जनपद के कृषकों को तकनीकी जानकारी से लैस करते हुए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना आवश्यक है। इसी क्रम में खरीफ फसल वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 'कृषक सम्मान योजना' संचालित की जा रही है, जिसके तहत चयनित कृषकों को उत्कृष्ट उत्पादन के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनपद के कृषकों से अपेक्षा है कि वे वैज्ञानिक एवं तकनीकी विधियों को अपनाते हुए कृषि कार्य करें। प्रमाणित बीजों का प्रयोग, जैविक एवं मृदा परीक्षण आधारित उर्वरकों का संतुलित उपयोग, समय से बीज एवं भूमि का शोधन, फसलों की लाइन से बुवाई तथा कीट एवं रोग नियंत्रण जैसे उपायों को अपनाकर ही अधिक उपज प्राप्त की जा सकती है। विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि फसल बीमा कराने वाले कृषकों को प्राथमिकता दी जाएगी और अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के कम से कम 25 प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किए जाएंगे। इसके साथ ही लघु, सीमांत और महिला कृषकों की भागीदारी को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक कृषकों को 10 रुपये शुल्क के साथ आवेदन-पत्र भरकर 30 सितंबर 2025 तक उप कृषि निदेशक कार्यालय, देवरिया में पंजीकरण कराना होगा। अधिकतम उत्पादन करने वाले कृषकों की फसल का मूल्यांकन माननीय पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर सक्षम अधिकारी की उपस्थिति में क्रॉप कटिंग के माध्यम से किया जाएगा। तत्पश्चात, परिणाम बंद लिफाफे में जिला स्तर पर प्रस्तुत किए जाएंगे।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि अधिकतम उत्पादन करने वाले दो कृषकों को क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। जनपद के सभी कृषकों से अपील की गई है कि वे इस योजना में भाग लेकर तकनीकी खेती करें, उत्पादन बढ़ाएं और सम्मान प्राप्त करने का अवसर प्राप्त करें।







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