रूद्रपुर, देवरिया। भारत के प्रतिभाशाली शोधकर्ता प्रत्युष कुमार ने अपने देश का नाम रोशन किया है। उन्हें विश्व की शीर्ष शिक्षण संस्थानों में से एक त्सिंगुआ यूनिवर्सिटी में बीजिंग, चीन में पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च के लिए चुना गया है। यह यूनिवर्सिटी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 20वें स्थान पर तथा एशिया में 'टॉप वन' पर है, जो इसकी उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध कार्यों के लिए प्रसिद्ध है। उनकी इस उपलब्धि से भारत के युवा शोधकर्ताओं को भी प्रेरणा मिलेगी और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने हुनर का प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
बता दें कि क्षेत्र के ग्राम पिडरा निवासी प्रत्युष विहार रामचक स्कूल के प्रधानाचार्य रणाप्रताप सिंह के बड़े पुत्र प्रत्युष कुमार लम्बे समय से शोध कार्यों में सक्रिय हैं और उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से 'फ्यूजन रिएक्टर ब्रीडर ब्लैंकैट अवधारणा' विषय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की, जिसे उन्होंने अगस्त 2024 में सफलतापूर्वक पूरा किया। उनका चयन विश्व की टॉप यूनिवर्सिटीज़ में शामिल चाइना के त्सिंगुआ यूनिवर्सिटी में होना उनके उत्कृष्ट शोध कार्य और मेहनत का प्रमाण है। उनकी इस उपलब्धि पर शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनका यह शोध कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय प्रतिभा और अनुसंधान क्षमता को और मजबूती प्रदान करेगा। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर शिक्षाविदों, गुरूजनों, मित्रों, सहयोगियों और परिवार के लोगों ने बधाइयाँ दी तथा उन्हें इस नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रत्युष कुमार का यह सफर देश के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। प्रत्युष का कहना है कि वह अपने रिसर्च के जरिए विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करना चाहते हैं। उनका सपना है कि अपने शोध कार्य से समाज और देश को लाभ पहुंचा सकें।







0 comments:
एक टिप्पणी भेजें