*रामराज बैठे त्रैलोका, हर्षित भए गए सब शोका
*कर्तव्य परायणता सिखाता है रामायण का हर पात्र: मनमथ
देवरिया ।
रुद्रपुर नगर के दुग्धेश्वर नाथ मंदिर पर चल रहे 66 वर्ष पुरानी रामलीला का मंचन शनिवार की रात राम के राज्याभिषेक की लीला के साथ संपन्न हुआ। राज्याभिषेक होते ही मंचन स्थल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
राम का राज्याभिषेक नगर पंचायत के पूर्व प्रत्याशी रहे मनमथ मणि त्रिपाठी ने पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस का हर पात्र हमे कर्तव्य परायणता, त्याग और बलिदान की सीख देता है। रामायण को देखने और सुनने से अधिक समझने की जरूरत है। अनुसरण से जीवन धन्य हो जाएगा। रामलीला के सकुशल मंचन पूर्ण होने पर कमेटी के पदाधिकारियों ने खुशी जाहिर की। इस मौके पर मंचन स्थल दर्शकों से खचाखच भरा रहा। रावण का वध कर अयोध्या लौटे भगवान श्रीराम को भरत ने उनकी राजगद्दी सौंपी दी। राज्याभिषेक ‘प्रथम तिलक वशिष्ठ मुनि कीन्हा, पुनि सब विप्रन्ह आयुष दीन्हा’ के दौरान पहला तिलक वशिष्ठ मुनि ने लगाया। इसके बाद सभा में मौजूद सभी ब्राह्मणों ने आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर आनंद सिंह, सज्जाद अली, आदित्य पांडेय, तेज प्रताप गुप्ता, मनीष मिश्रा, श्रवण पटेल, रुद्रनाथ मिश्र, सरवन पटेल, विकास पांडेय, मोहन गुप्ता, दीपू सिंह, रामभवन यादव आदि मौजूद रहे।








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