*अन्ना रैली के बाद सबसे बड़ी रैली
पुरानी पेंशन नीति बहाल करने की मांग को लेकर देशभर के केंद्रीय व राज्य सरकार के कर्मचारी हुंकार भरें दिल्ली के रामलीला मैदान में आज महारैली में शक्ति प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव डालेंगे।
इस रैली में कर्मचारी विरोध-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से अपनी मांग किए। कर्मचारियों ने कहा कि पेंशन कोई खैरात नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों का अधिकार है। इसे ले कर रहेंगे। सरकार को हमारी मांगों को माननी होगी, अन्यथा अगामी चुनाव में कर्मचारियों का वोट उसी पार्टी को जाएगी जो पुरानी पेंशन लागू करेंगा। एक जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में आये केंद्र व राज्य सरकार के कर्मियों में नई पेंशन योजना के खिलाफ काफी रोष देखने को मिला है। सेवानिवृत्ति के बाद अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित है क्योंकि जो युवा साथी सरकारी सेवा में 2004 के बाद भर्ती हुए है उनको पुरानी पेंशन योजना से वंचित रखा गया है। नई पेंशन योजना उन पर जबरन थोपी गई है, जिससे लाखों कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में हो गया है।
कर्मचारियों ने कहा कि केंद्र सरकार हमारी मांगों को अनदेखा नहीं कर सकती। आगामी चुनाव में वोट उसी पार्टी को जाएगा जो पुरानी पेंशन लागू करेगा। पेंशन अधिकार महारैली में केन्द्र, राज्य, रेलवे, शिक्षक, रक्षा, पूर्व अर्ध सैनिक बल एवं अन्य सरकारी कर्मचारी के साथ-साथ अन्य संगठनों के सरकारी कर्मचारी पहुंचें। पुरानी पेंशन नीति एक कर्मचारियों का मूल अधिकार है और ये अधिकार सरकार छीन नही सकती। सरकार अभी भी नही संभली तो भारत बंद के दौरान पूरे देश का संचालन ठप हो जायेगा।
1 जनवरी, 2004 के बाद सरकारी सेवा में आये कर्मचारियों के लिए न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) एक छलावा साबित हुई है। जो भी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उनके साथ भारी अन्याय हो रहा है।







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