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प्रयागराज
यूपी बोर्ड से जुड़ी बड़ी खब,
यूपी बोर्ड ने छात्र-छात्राओं के प्रमाण पत्र और अंक पत्र की त्रुटियों में संशोधन का किया कार्य,
जिलों में कैंप लगाकर लंबित पड़े 59860 संशोधन प्रकरणों का किया निस्तारण,
सभी प्रकरण 2010 से 2017 की बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित थे,
मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय के 24512 प्रकरणों का हुआ निस्तारण,
बरेली के 5188 और प्रयागराज के 8356 प्रकरण निस्तारित किए गए,
जबकि वाराणसी के 18591 और गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालय के 3213 प्रकरणों को निस्तारित किया गया,
सभी प्रकरण विद्यालयों के प्रधानाचार्य अथवा जिलों के डीआईओएस कार्यालय द्वारा उपलब्ध ना कराने के चलते लंबित पड़े थे,
लंबित प्रकरणों में सबसे पुराना प्रकरण क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ का निस्तारित किया गया,
मेरठ में हाई स्कूल परीक्षा वर्ष 1984 का अनुक्रमांक 0646199 रहा,
परीक्षार्थी संजय कुमार के पिता के नाम की स्पेलिंग में संशोधन से संबंधित था,
इसी प्रकार क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज में भी हाई स्कूल परीक्षा वर्ष 1986 का अनुक्रमांक 0443164 का संशोधन लंबित था,
रायबरेली जिले के परीक्षार्थी रमेश चंद्र के पिता के नाम की स्पेलिंग का संशोधन कराया गया,
छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए जिलों में कैंप लगाकर वांछित अभिलेख और साक्ष्य को मंगाकर उनके प्रमाण पत्र और अंक पत्रों की त्रुटियों को ऑन द स्पॉट निस्तारित किया गया,
निस्तारित प्रकरणों की जानकारी यूपी बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in पर अपलोड कर दी गई है,
यूपी बोर्ड भविष्य में ऑनलाइन व्यवस्था से आवेदन लेने उसका ट्रैकिंग करने का सिस्टम डेवलप करने की तैयारी कर रहा है,
ताकि अंक पत्र और प्रमाण पत्र में संशोधन के लिए ऑनलाइन साक्ष्य अभिलेख मंगा कर उसका सत्यापन कर ऑनलाइन ही निस्तारण किया जा सके,
ऐसी व्यवस्था हो जाने पर परीक्षार्थियों को यूपी बोर्ड या क्षेत्रीय कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे,
ऑनलाइन प्रकरणों का निस्तारण न करने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी,
यूपी बोर्ड के सचिव दिब्य कांत शुक्ल ने दी जानकारी।







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