तैयार कार्य योजना का अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने के दिए निर्देश
देवरिया (सू0वि0) 18 जनवरी।’जिला मजिस्ट्रेट/चेयर परसन डीडीएमएम देवरिया आशुतोष निरंजन ने बताया है कि जनपद में कोविड की शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हेतु उप जिलाधिकारियों सहित जुडे विभागों को तैयार कार्य योजना का तीन के अन्दर सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए है। उन्होने कहा है कि उप जिला मजिस्ट्रेट इंसीडेंट कमाण्डर के रुप में नामित होते है, इसलिए वे कोविड वैक्सीनेशन में अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तत्परता सजगता से निर्वहन करते हुए कार्य योजना में लिए गए निर्णयों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करायेगें व शतप्रतिशत कोविड टीकाकरण की लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करेगें।
जिलाधिकारी श्री निरंजन ने बताया कि कोविड वैक्सीनेशन के लिए जनहित में निर्णय व कार्य योजना तैयार की गयी है। जिसके क्रम में उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कोविड वैक्सीनेशन सत्रो मे प्रतिभाग करने वाले वैक्सीनेटर वेरिफायर एवं मोबलाइजर की ड्यूटी नाम से मय मोबाईल नम्बर लगवायें। टीकाकरण सत्रों की सूचना न्यूनतम 03 दिवस पूर्व अनिवार्य रूप से संबंधित ग्रामों के प्रधान, ग्राम का कोटेदार, राजस्व लेखपाल, एएनएम, आशा, आंगनवाडी कार्यकर्ती कोे देने की व्यवस्था संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अपने निर्देशन में बनवाते हुये उसका पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया जायेगा। साथ ही टीकाकरण सत्रो की सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार ग्रामों एवं नगरीय क्षेत्रों में लोकल मीडिया, डुग्गी मुनादी लाउडस्पीकर एवं क्षेत्रीय ग्राम स्तरीय वार्ड स्तरीय कर्मियों द्वारा सुनिश्चित कराया जायेगा।
जिलाधिकारी ने उप जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक कार्यदिवस पर स्थानीय मीडिया से प्रेस वार्ता करते हुये उनको कोविड टीकाकरण अभियान की प्लानिंग एवं प्रगति से अवगत करायें। प्रत्येक कोविड टीकाकरण सत्र में लगी वैक्सीनेशन टीम के लिये न्यूनतम 30 प्रथम डोज एवं 50 द्वितीय डोज का लक्ष्य निधारित किया गया है। इस लक्ष्य के सापेक्ष प्रतिदिन की प्राप्ति के आंकड़ों के संकलन की व्यवस्था भी वे बनवाते हुये आंकड़ों के आधार पर अपने क्षेत्र की पाँच सबसे अच्छी एवं 05 सबसे खराब टीमों का चिन्हांकन करते हुये उन टीमों के नेतृत्वकर्ता (संबंधित वैक्सीनेटर) से दूरभाष पर वार्ता की जाये। अच्छी टीमों की सफलता का कारण ज्ञात करके उस लर्निंग को अन्य टीमों के मध्य भी पहुँचाया जाये। खराब टीमों की प्रगति सुधरवाने हेतु विशेष प्रयास कराया जाये। लगातार 03 सत्रों में सबसे खराब 05 टीमों में रहने वाली टीम के सदस्यों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की संतुति सीधे मुझे प्रेषित करेगें। स्वास्थ्य विभाग / समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी, सा०स्वा० केन्द्र / प्रा०स्वा० केन्द्र द्वारा टीकाकरण सत्रों के पर्यवेक्षण हेतु सुपरवाईजर की ड्यूटी लगायी गयी है। उप जिला मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगें कि प्रत्येक सुपरवाईजर को सामान्यतः 05 टीकाकरण सत्रों वैक्सीनेटर टीम के कार्यों के पर्यवेक्षक का दायित्व ही दिया जाये।
संबंधित इंसीडेंट कमाण्डर यह सुनिश्चित करेंगे कि सुपरवाईजर प्रत्येक कार्यदिवस पर लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत टीकाकरण सत्रों का भ्रमण करते हुए गुणात्मक पर्यवेक्षण करते हुये उसकी रिपोर्ट का आकलन निर्धारित गूगलशीट पर प्रत्येक 02 घण्टे पर स्वयं करेंगे। डाटा अपडेशन के कार्य का पर्यवेक्षणीय दायित्व भी उप जिला मजिस्ट्रेट का होगा किसी सुपरवाईजर द्वारा कार्य में लापरवाही पाये जाने पर इसकी रिपोर्ट मुझे प्रेषित करेगें। कम प्रगति वाले टीकाकरण टीम की समीक्षा भी सुनिश्चित करेगें। उप जिला मजिस्ट्रेटो द्वारा प्रतिदिन समीक्षा बैठक अंतर्विभागीय वर्चुअल करना सुनिश्चित किया जायेगा। यह भी सुनिश्चित करेगें कि प्रत्येक टीकाकरण सत्र पर अद्यतन ड्यू लिस्ट उपलब्ध रहे, साथ ही ड्यू लिस्ट की छायाप्रतियां संबंधित ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय लेखपाल, ग्राम कोटेदार, युवक मंगल दल एवं आशा व आंगनवाडी कार्यकर्ती को भी उपलब्ध रहे, जिसके के आधार पर ग्राम प्रधान / नगरीय वार्ड सभासद ग्राम सचिवों क्षेत्रीय लेखपालों कोटेदारों, आशा व आंगनवाडी कार्यकर्ती, युवक मंगल दलों, नगरीय वार्ड सफाई कर्मियों के सहयोग से छूटे हुए लोगो को टीकाकरण केन्द्र पर बुलाने हेतु विशेष प्रयास करना सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी ने इस निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने के साथ कहा है कि मेरे द्वारा अनुपालन की समीक्षा प्रत्येक कार्य दिवस पर सांयकालीन कोविड वर्चुवल समीक्षा बैठक में की जायेगी।






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