राजस्व वादों का हो त्वरित निस्तारण
स्वामित्व योजना में धीमी प्रगति पर जतायी नाराजगी
देवरिया (सू0वि0) 01 दिसंबर। खतौनी का दुरुस्तीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। खतौनी के सम्बंध में आम जन के आवेदन का निस्तारण समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ के साथ होना चाहिए। इस काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कार्मिकों की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उक्त बातें जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने वर्चुअल माध्यम से राजस्व एवं चकबंदी विभाग की समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कुछ तहसीलों में खतौनी मिलान के कई मामले लंबित हैं, जिनके समाधान के लिए लोग चक्कर लगा रहे हैं। 31 दिसंबर तक ऐसे सभी तहसीलदारों को खतौनी मिलान करने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
जिलाधिकारी ने नये भू- भूमाफियाओं को चिन्हित करने हेतु तहसील स्तरीय कमेटी की बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नए भू-माफियाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने धारा-24 एवं धारा-41 के तहत लंबित वादों की संख्या के सापेक्ष कम निपटान पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों (न्यायिक) को राजस्व वादों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निपटान के सम्बंध में निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्वामित्व योजना अंतर्गत घरौनियों को अद्यतन करने की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्वामित्व योजना के शेष बचे कार्य को तीन दिन के भीतर पूरा करने को कहा।
समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यवाहियों, लंबित पेंशन के प्रकरण, राजस्व अभिलेखागार से नकल प्रार्थनापत्र के सम्बंध में प्राप्त आवेदनों, कृषक दुर्घटना बीमा योजना सहित विभिन्न मुद्दों पर जिलाधिकारी ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी अमृत लाल बिंद, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) कुँवर पंकज, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम गुँजन द्विवेदी, एसडीएम सौरभ सिंह, एसडीएम ध्रुव कुमार शुक्ला, एसडीएम संजीव उपाध्याय, एसडीएम आरपी वर्मा सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।






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